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खुली कचहरी, कराई सफाई पर नहीं हुआ काम

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सहारनपुर। पूरे 56 दिन बाद कचहरी में अधिवक्ता पहुंचे। अपने चैंबरों में साफ सफाई कराई, लेकिन कामकाज नहीं हुआ। क्योंकि कोरोना काल में न्यायिक अधिकारियों और वकीलों के निधन पर श्रृद्धांजलि अर्पित करने के लिए अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे।
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कोरोना संक्रमण बढ़ने पर 27 अप्रैल को दीवानी कचहरी बंद कर दी गई थी। सिर्फ वर्चुअल कामकाज ही हो रहा था। इसके बाद मंगलवार को अधिवक्ताओं के लिए कचहरी खोली गई। वादकारियों को कचहरी में आने की मनाही रही, उसके लिए कचहरी के गेट पर पुलिस तैनात रही। गेट से प्रवेश करने वालों के मास्क चेक किए गए। इसके अलावा अधिवक्ताओं ने अपने चैंबरों में सैनिटाइजेशन भी कराया गया। इसके बाद दिनभर अधिवक्ता अपने चैंबरों पर फाइलों को देखने में तो व्यस्त रहे, लेकिन न्यायिक कार्य नहीं किया। हालांकि अभी वादकारियों के कचहरी में आने पर मनाही है, सिर्फ अधिवक्ता ही कचहरी आ सकते हैं और उन्हें भी कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना होगा।
दिवंगतों के लिए हुई श्रृद्धांजलि सभा
दीवानी कचहरी के सभागार में जिला जज अश्विनी कुमार त्रिपाठी एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों ने दिवंगत एडीजे केसी पांडेय, एडीजे तैय्यब अहमद सहित अन्य अधिवक्ताओं के निधन पर दुख व्यक्त किया। दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन की तरफ से भी श्रृद्धांजलि सभा की गई। अध्यक्ष अभय सैनी और महासचिव राहुल त्यागी ने कहा कि कोरोना काल में दो जजों और 20 से ज्यादा अधिवक्ताओं के अलावा स्टेनो और कई मुंशी का भी निधन हुआ है, जो बेहद कष्टदायी है। श्रृद्धांजलि सभा में अरविंद शर्मा, बिशंबर सिंह पुंडीर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भोपाल सिंह पुंडीर, नीरज कुमार, फूल कुमार, संयुक्त सचिव राव इमरान, सतीश कुमार चौधरी, रविदत्त शर्मा आदि सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।
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