सहारनपुर। वर्षों से नगर निगम ने विज्ञापन प्वाइंट नहीं बढ़ाए हैं। नतीजा, नगर निगम की विज्ञापनों से आय स्थिर बनी हुई है। वहीं लोग खंभों पर अवैध रूप से होर्डिंग और फ्लैक्स लगा रहे हैं। इन अवैध होर्डिंग्स और फ्लैक्स को उतारने में नगर निगम को अपनी मशीनरी और कर्मचारी लगाने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक भार बढ़ रहा है।
विज्ञापन के लिए महानगर को 17 जोन में बांटा गया है। इसके लिए सभी 17 जोन में कुल 70 यूनिपोल और 56 बाईपोल लगाए गए हैं। इनका ठेका तीन ठेकेदारों को दिया गया है, जो 31 मार्च 2026 को खत्म हो रहा है। खास बात यह है कि वर्षों से 126 ही विज्ञापन प्वाइंट चले आ रहे हैं, जिनमें कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि शहर लगातार बढ़ रहा है। विज्ञापन के प्वाइंट नहीं बढ़ने से विज्ञापन कराने के इच्छुक लोगों को वैध तरीके से भी विज्ञापन कराने का मौका नहीं मिल रहा है। इससे अवैध रूप से होर्डिंग और फ्लैक्स लगाने को बढ़ावा मिल रहा है। जेवी जैन कॉलेज रोड पर बिजली के खंभों पर जगह-जगह फ्लैक्स लगाए गए हैं। महानगर के अन्य मार्गों का भी यही हाल है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से लगाए जाने वाले होर्डिंग और फ्लैक्स को उतारने के लिए नगर निगम की टीम प्रतिदिन अभियान चलाती है और अवैध होर्डिंग व फ्लैक्स को उतारकर लाती है। यानी एक तरह से वैध होर्डिंग्स से इतनी कमाई नहीं होगी, जितना खर्च अवैध होर्डिंग्स और फ्लैक्स को उतारने पर खर्च किया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी में 11 एलईडी भी लगी
महानगर में विज्ञापन कराने के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत 11 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। इनका ठेका स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के स्तर से ही छोड़ा गया है।
धार्मिक प्रचार के प्रति नरमी
प्रतिदिन कोई न कोई धार्मिक आयोजन महानगर में रहता है। इसके प्रचार के लिए संबंधित समितियां महानगर में अवैध रूप से होर्डिंग और फ्लैक्स लगाती हैं। कोर्ट रोड पर इस तरह के कई होर्डिंग लगे हैं। नगर निगम इनके प्रति नरमी रखता है, क्योंकि इससे विवाद होने का खतरा रहता है, लेकिन यदि कोई धार्मिक होर्डिंग भी यातायात को प्रभावित कर रहा है तो उसे उतारा जाता है।
अवैध रूप से लगने वाले होर्डिंग और फ्लैक्स को उतारने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नतीजा, महानगर की सभी सड़कें अवैध होर्डिंग और फ्लैक्स से मुक्त हैं। यदि कहीं लगा है तो उसे भी उतरवाया जाएगा।
- श्रुति माहेश्वरी, प्रभारी