सहारनपुर छुटमलपुर घड़कौली में अराजक तत्वों के बाबा साहब की प्रतिमा के अपमान के बाद सुलगी चिंगारी अभी नहीं बुझी है। बीती रात खुद को एक संगठन विशेष का कार्यकर्ता बताने वाले 20-25 युवकों ने खेत से लौट रहे दो ग्रामीणों को राजपूत बिरादरी का समझते हुए धुन डाला।
पीडितों ने बाइक मौके पर छोड़कर पड़ोस के गांव में घुसकर जान बचाई। पीड़ित ग्रामीणों को साथ लेकर घटनास्थल पर लौटे तो हमलावर भाग खडे़ हुए। इसके बाद पीड़ित बाइक लेकर थाने पहुंचे और मामले की तहरीर दी।
बता दें कि पिछले सप्ताह गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव घड़कौली में किसी अराजक तत्व ने बाबा साहब की प्रतिमा पर कालिख पोत दी थी। इसे लेकर गांव के दलितों और राजपूतों में संघर्ष हो गया था। पथराव और फायरिंग तक हुई थी। इसमें दो एसओ सहित कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।
बाद में डीएम और कप्तान ने गांव में पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की थी। इसी रात पास के गांव बधेडी में भी जातीय तनाव के चलते दो बाइक फूंक दी गई थीं।
नए घटनाक्रम में छुटमलपुर निवासी रजनीश शर्मा पुत्र प्रेमचंद राजेश पुत्र सोमदत्त के साथ अपने गांव बुड्ढाखेड़ा पुंडीर में खेत में पानी देने के बाद साढे दस बजे बाइक से छुटमलपुर लौट रहे थे। चमारीखेड़ा गांव से पहले अचानक खेतों से निकले 20-25 युवकों ने उन्हे रोक लिया।
उनके हाथों में लाठी-डंडे थे। रजनीश के अनुसार, युवकों ने उनकी जाति पूछी। उसने ब्राहम्ण बताया तो एक युवक ने उसका मोबाइल छीन लिया। उसमें पहला नंबर उनके दोस्त रमण राणा का फीड था। इसके बाद उन्होंने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
दोनों किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर बाइक वहीं छोड़ दौड़कर पास के गांव की आबादी में घुस गए और शोर मचा दिया। गांव में जाग होने पर बडी संख्या में ग्रामीण उनके साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वहां उनकी बाइक पड़ी मिली, लेकिन हमलावर भाग चुके थे।
इसके बाद पीडित थाने पहुंचे और तहरीर दी। थानाध्यक्ष फतेहपुर का कार्यभार देख रहे जयकुमार ने बताया कि पुलिस गांव में गई थी। गांव के प्रधान से भी इस बारे बात हुई है। हमलावरों को चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है।