सहारनपुर। चिकित्सा विभाग के सरकारी आवासों में कई कर्मचारी और चिकित्सक अनाधिकृत रूप से कब्जा किए हुए हैं। इनमें कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं तो कई संविदा कर्मी हैं, इनको आवास आवंटित नहीं हो सकता है। ऐसे में सेटिंग कर कर्मचारी कब्जा जमाए हैं। जबकि हाई कोर्ट के आदेश हैं कि सरकारी आवासों से कब्जे हटवाए जाएं। कब्जों को लेकर स्थानीय अधिकारियों द्वारा महानिदेशक को भेजी रिपोर्ट में एक भी आवास पर कब्जा नहीं होने की बात कही है।
हाईकोर्ट ने 28 नवंबर 2019 को आदेश जारी किया, इसमें सरकारी आवासों में अनाधिकृत रूप से रहने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों से आवास खाली कराने की बात कही। मामले में 26 फरवरी 2020 को सुनवाई थी, जिसके लिए मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से आदेश जारी कर सरकारी अस्पतालों के आवासों में अनाधिकृत रूप से रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी 18 फरवरी तक देने को कहा। इसके बाद 19 फरवरी 2020 को महानिदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) ज्ञान प्रकाश की ओर से सभी मंडलीय अपर निदेशकों को पत्र लिखकर 20 फरवरी 2020 की दोपहर दो बजे तक उनकी ईमेल आईडी पर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। सहारनपुर से जिला पुरुष अस्पताल और जिला महिला अस्पताल की ओर से भेजी सूचना में किसी आवास पर कब्जा नहीं होने की बात कही गई है, जबकि हकीकत यह है कि जिला अस्पताल के सरकारी आवासों में कई संविदा कर्मचारी कई साल से रह रहे हैं। नेहरू मार्केट स्थित पुराने अस्पताल परिसर के क्वार्टरों में भी कई कर्मचारियों के अनाधिकृत रूप से रहने की सूचना है।
मामूली से बिल में चला रहे एसी और हीटर
चिकित्सा विभाग के सरकारी आवासों में विद्युत मीटर नहीं लगे हैं। अधिकारियों, डॉक्टरों और कर्मचारियों से अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं, जिसको वह चुकाते हैं। चूंकि मीटर नहीं लगा है ऐसे में कर्मचारी गर्मियों में ऐसी और सर्दियों में हीटर का पूरा फायदा उठा रहे हैं। मामूली से निर्धारित शुल्क की एवज में प्रति माह हजारों रुपये की बिजली फूंक रहे हैं, इसका बोझ विभाग पर पड़ रहा है। अधिकारी सब कुछ जानकर अनजान बने हैं।
जिला महिला अस्पताल का कोई भी रिटायर्ड या संविदा कर्मचारी अवैध रूप से सरकारी आवास में नहीं रह रहा है। निदेशालय में हमने सूचना भेजी दी है, जिसमें कोई कब्जा नहीं होने की बात कही गई है।
डॉ. अनीता जोशी, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल।
सरकारी आवासों में एक भी अधिकारी या चिकित्सक अवैध रूप से नहीं रह रहा है। इसकी सूचना हमने निदेशालय को भेज दी। रही बात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के क्वार्टरों में संविदा कर्मियों के रहने की तो यदि क्वार्टर खाली हो तो वह संविदा कर्मी को दिया जा सकता है। हम उनसे निर्धारित हाउस रेंट और बिजली का बिल जमा कराते हैं। जिन क्वार्टरों में एसी लगे हैं, उनको हटवाया जाएगा।
डॉ. एसके वार्ष्णेय, सीएमएस, जिला अस्पताल।
वर्तमान में कोई भी डॉक्टर या कर्मचारी अवैध रूप से सरकारी आवास में नहीं रह रहा है। यदि चतुर्थ श्रेणी के क्वार्टर खाली हों तो संविदा कर्मी को दिया जा सकता है। रही बात अवैध रूप से एसी लगाने की तो इस संबंध में कई बार सीएमएस को कहा गया है।
डॉ. बीएस सोढी, सीएमओ, सहारनपुर।
जिला अस्पताल में कर्मचारी के घर लगा ऐसी- फोटो : SAHARANPUR