सहारनपुर। नगर निगम बोर्ड की बैठक 28 दिसंबर को होगी, जिसमें 758 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया जाएगा। बजट के कई बिंदुओं पर पार्षदों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इनमें जनमंच के जनरेटर के लिए 30 लाख रुपये का वार्षिक अनुमानित व्यय ज्यादा चर्चाओं में है, क्योंकि पूर्व के वर्षों में यह शून्य रहा है।
कार्यकारिणी सदस्य पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि बोर्ड बैठक में पेश किए जाने वाले बजट में जनमंच के जनरेटर का वार्षिक डीजल खर्च 30 लाख रुपये रखा गया है, जबकि जनमंच को जो भी व्यक्ति किराए पर लेता है वह किराए के साथ डीजल का खर्च अलग से देता है। एक बार के कार्यक्रम में अधिकतम 15 से 20 हजार रुपये का डीजल खर्च होता है।
ऐसे में 30 लाख रुपये डीजल के लिए निर्धारित करना समझ से परे है, जबकि वर्ष 2023-24 और वर्ष 2024-25 में यह शून्य था। मंसूर का यह भी कहना है कि नगर निगम का खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन आय बढ़ाने पर ध्यान नहीं है।
जुर्माना आदि से आय 15 लाख रुपये दर्शाई गई है, जबकि नगर निगम के पास प्रवर्तन दल है। इसमें बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त फौजी और कर्नल तक हैं। जितनी सालाना आय दर्शाई गई है उससे अधिक तो मासिक वेतन निकलता है। उन्होंने जलकल के खर्च पर भी सवाल उठाते हुए पूछा है कि निगम के नलकूपों को चलाने के लिए सौर ऊर्जा पैनल लगाए गए थे।
जिन पर लाखों रुपया खर्च हुआ था, लेकिन वह आज तक नहीं चले हैं। नगर निगम परिसर में पुराने भवन पर करीब 25 लाख का सोलर पैनल लगा है, जो आज तक नहीं चला है, जबकि नगर निगम का विद्युत खर्च लगातार बढ़ रहा है। मंसूर ने बताया कि वह कार्यकारिणी समिति की बैठक में भी अपनी आपत्ति जता चुके हैं। लिखित में दे चुके हैं। 28 दिसंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में भी अपनी बात रखेंगे।