सहारनपुर। यदि किसी पुरुष की कमर 40 इंच और महिला की 35 से अधिक है तो यह स्थिति मोटापे का संकेत है। मोटापा उच्च रक्तचाप, गठिया और मधुमेह जैसी बीमारियां को न्योता देता है। ऐसे में खानपान और दिनचर्या में सुधार लाकर तथा व्यायाम और योग अपनाकर मोटापा और उससे जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।
कोरोना काल में कामकाजी लोग और विद्यार्थियों के साथ ही घरेलू महिलाएं भी ज्यादा बाहर नहीं निकल सकी हैं। ऐसे में मोटापा बढ़ने की समस्या सामने आई है। मोटापा कम करने के लिए लोगों में साइकिलिंग को लेकर रुझान बढ़ा है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि मोटापा तेजी से बढ़ने वाली समस्या है, जो कई बीमारियों की वजह बनता है। उनकी सलाह है कि मोटापे से बचने के लिए लोग अपने खानपान के साथ ही दिनचर्या में बदलाव लाएं, साथ ही फास्ट फूड और पैकिंग की चीजें खाने से बचें। फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि मोटापा उच्च रक्तचाप, मधुमेह, गठिया जैसी बीमारियों को न्योता देता है। मोटापे से बचने के लिए अधिक से अधिक सलाद, फल, हरी सब्जियां और अंकुरित अनाज खाना चाहिए। उनकी सलाह है कि मोटापे से बचने के लिए प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा व्यायाम करना चाहिए।
मोटापे के कारण
- व्यायाम नहीं करना और स्थिर जीवन-यापन।
- अधिक चर्बीयुक्त आहार और तली हुई चीजों का सेवन करना।
- भूख से अधिक भोजन करना।
- शारीरिक क्रियाओं के सही ढंग से नहीं होने पर भी शरीर में चर्बी जमा होने लगती है।
- दिन में खाना खाने के बाद सोने की आदत।
- आनुवंशिक।
मोटापे के लक्षण
- बार-बार सांस फूलने की समस्या का होना।
- अचानक से बार-बार पसीना आना।
- अधिक खर्राटे लेना।
- शारीरिक गतिविधि के साथ सामंजस्य करने में अचानक असमर्थता होना।
- बहुत थकान महसूस करना।
- पीठ और जोड़ों में दर्द की शिकायत।
- जरूरत से ज्यादा या कम नींद आना।
मोटापे से होने वाली बीमारियां
मोटापे के कारण डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, अवसाद, जोड़ों का दर्द, स्लीप एपनिया और श्वसन समस्याएं, अस्थमा और फेफड़ों की समस्याएं आदि हो सकती हैं।