सहारनपुर। सितंबर महीने को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। डीएम ने कहा हर शुक्रवार को अभियान चलाकर अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित करें और हर मंगलवार को पोषक पंचायत का आयोजन किया जाए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया। वहीं, बाल विकास परियोजना अधिकारी को शहर एवं सढ़ौली कदीम का सहायक नोडल अधिकारी नामित किया।
जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि पोषण माह को सफल बनाने के लिए जनपदीय अधिकारियों को सहभागिता करनी है। उन्होंने कहा आंगनबाड़ी अति कुपोषित बच्चों की पहचान (वजन एवं लंबाई के आधार पर), स्वास्थ्य जांच व आवश्यक उपचार के साथ ही चिकित्सा इकाइयों में स्तनपान को प्रोत्साहित करने के लिए महिलाओं को जागरूक करें। स्तनपान के साथ ऊपरी आहार के माध्यम से बच्चों में कुपोषण के स्तर में कमी आती है। छह माह तक केवल स्तनपान और दो साल तक स्तनपान जारी रखने से शिशु को उच्च गुणवत्ता वाली ऊर्जा एवं पोषण तत्व प्राप्त होते हैं।
उन्होंने कहा कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण के लिए हर शनिवार एवं रविवार को आंगनबाड़ी, सहायक और आशा 0-5 वर्ष के बच्चों का वजन करें। इसको लेकर विद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्रों के बीच प्रत्येक सोमवार को ऑनलाइन प्रतियोगिता कराई जाएगी।
उन्होंने कहा मध्याह्न भोजन योजना के तहत विद्यालयों के प्रांगण में किचन गार्डन की स्थापना एवं रख रखाव के लिए धनराशि का प्रावधान भी किया। उन्होंने कहा हर मंगलवार को पोषक पंचायत की जाए। साथ ही कुपोषण की स्थिति के अनुसार आवश्यक संसाधन ग्राम प्रधान उपलब्ध कराएंगे।