इतना ही नहीं प्रबंधन ने सख्ती बरतते हुए आदेश पत्र में यह भी कहा है कि जिस किसी के पास मोबाइल मिलेगा वे उसी का माना जाएगा, वो चाहे इस्तेमाल में हो या न हो। ऎसे छात्रों पर कार्रवाई की जाएगी।
मुफ्ती अशरफ अब्बास का कहना है कि छात्रों को अनुशासन में रखने और पढ़ाई की तरफ ध्यान आकर्षित कराने के लिए मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है, जिससे छात्र जिस उद्देश्य के लिए यहां आए हैं उसे मेहनत और लगन के साथ पूरा कर सकें।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी प्रबंधतंत्र ने आदेश जारी कर मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी। इतना ही नहीं छात्रावास में रहने वाले छात्रों के कमरों की तलाशी दौरान बरामद हुए मोबाइलों को जब्त कर लिया गया था।