करेंसी की कमी से जूझ रहे लोगों को पैसे देने की बैंकों की व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई। शनिवार को बैंक तो बंद रहे, लेकिन एसबीआई को छोड़कर किसी भी बैंक द्वारा एटीएम में पैसे नहीं डाले गए। लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम पर भटकते रहे। जबकि एसबीआई के एटीएम पर लाइन में दिन भर लोग लगे रहे। इस दौरान कई बार ग्राहकों में झड़पें भी हुईं।
प्रशासन बेशक बैंकों में पूरी व्यवस्था करने का दावा कर रहा है, लेकिन बैंकों की व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है। शनिवार को बैंकों का अवकाश रहा। लेकिन बैंकों द्वारा एटीएम में कैश ही नहीं डाला गया। पूरे शहर में लोग पैसे के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम पर भटकते रहे।
कोर्ट रोड पर आधा दर्जन एटीएम में से सिर्फ एसबीआई एवं पीएनबी के एक, दो एटीएम में ही कैश रखा। यहां पैसे निकालने के लिए लोगों की लंबी लाइन लग गई। जबकि अन्य बैंकों के एटीएम के शटर ही बंद कर दिए गए। जैन कॉलेज स्थित विजया बैंक का एटीएम में जरूर कुछ देर के लिए लोगों को पैसा मिला। जबकि अन्य बैंकों के एटीएम शो पीस बनकर रह गए। दिल्ली रोड, जैन कॉलेज रोड, हकीकत नगर में कुछ एटीएम के तो एक माह से ही शटर बंद हैं।
अग्रणी बैंक प्रबंधक नीरज भारतीय ने कहा किसी एटीएम में कैश की कमी के चलते ही एटीएम बंद हो सकता है। सभी को एटीएम में कैश रखने के लिए कहा है। ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक महेंद्र सिंह ने कहा एसबीआई के सभी एटीएम में कैश रखा है। बैंक के अधिकांश एटीएम काम कर रहे हैं।
एटीएम पर लटके मिले ताले, नगदी के लाले
देवबंद। नोटबंदी के बाद कैश की समस्या से जूझ रहे लोगों को तीन दिन तक कैश मिलने वाला नहीं है। शनिवार से आरंभ हुई बैंकों की छुट्टी का लोगों को पता नहीं था। जिस कारण लोग दिनभर बैंक और एटीएम मशीनों के चक्कर काटते रहे। लेकिन सभी जगह उन्हें ताले लटके मिले।
जैसे तैसे कर बैंकों और एटीएम मशीनों की लाइनों में लगकर जरूरतें पूरी करने के लिए कैश हासिल कर रहे लोगों को शनिवार को इधर से उधर चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ा।
बैंकों में तीन दिन का अवकाश है इसकी जानकारी अधिकांश लोगों को नहीं थी।
जिसके चलते वह रोजमर्रा की तरह शनिवार को बैंकों और एटीएम मशीनों पर पहुंचे और घंटों इंतजार में खड़े रहे लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि छुट्टी होने के कारण बैंक तीन दिनों तक नहीं खुलेंगे तो वह मायूस होकर एटीएम की तरफ रुख करने लगे लेकिन जहां भी गए एटीएम मशीनों पर ताले ही लटके मिले।
लोगों का कहना था कि एक तो वह पहले से नोटबंदी की मार झेल रहे हैं। ऊपर से बैंकों में तीन-तीन दिन का अवकाश होने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें छुट्टी के बारे में जानकारी नहीं थी और न ही शनिवार को बैंकों के बाहर छुट्टी की बाबत कोई सूचना लगाई गई थी। इससे भी लोगों में बैंक के प्रति गुस्सा दिखाई दिया।