सहारनपुर। लखनऊ में 34 साल पहले विधानसभा के सामने बेरोजगारी के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन के चलते आठ कांग्रेसियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। कांग्रेस के पीसीसी सदस्य नरेंद्र शर्मा ने बताया कि हमारे पास पिछले 34 वर्षों से कोर्ट के समन नहीं आए हैं, जबकि हमारे खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं। जिन साथियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं उनमें से पांच की मृत्यु भी हो चुकी है।
पीसीसी सदस्य नरेंद्र शर्मा ने बताया कि 34 साल पहले प्रदेश में बेरोजगार के मुद्दे पर तत्कालीन अध्यक्ष विनोद चौधरी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया था। पुलिस के लाठी चार्ज में कई साथी घायल भी हो गए थे। इसके बाद कई युवा कांग्रेस साथियों को पुलिस ने पकड़कर तीन दिनों तक लखनऊ की सेंट्रल जेल में बंद कर दिया था, जिसमें सहारनपुर के नरेंद्र शर्मा, पूर्व शहर कांग्रेस महासचिव स्वर्गीय प्रमोद वत्स, पूर्व शहर सचिव स्वर्गीय राजीव कपिल, पूर्व शहर सचिव मरहूम जेए खान, पूर्व सदस्य मरहूम लियाकत अली, मरहूम फरखुद्दीन शामिल थे।
उन्होंने बताया कि हमारी गिरफ्तारी के लिए पूरे प्रदेश में छापा मारा गया, जिसकी सूचना पर सभी साथी न्यायिक मजिस्ट्रेट लखनऊ के सामने उपस्थित हुए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में राजनीतिक मुकदमे के तहत सभी को फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान 20 हजार के निजी बंदपत्र पर विनोद चौदरी, नरेंद्र शर्मा,सुशील दुबे, अंजू इलाही, राम टंडन, मेषचंद्र बंसल को जमानत पर रिहा किया गया है।