बैनर छीनने को लेकर पुलिस से नोकझोंक
सहारनपुर। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में जमीयत उलमा-ए-हिंद के सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम अधिकारियों के ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बैनर छीनने को लेकर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से छीनाझपटी भी हुई। सुरक्षा के मद्देनजर जामा मस्जिद के आसपास भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा।
शुक्रवार को चौक फव्वारा स्थित जामा मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज से पूर्व पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और भारी फोर्स ने डेरा डाल लिया था। नमाज के बाद जमीयत-उलमा-ए-हिंद के नेतृत्व में लोगों ने नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। लोग हाथों में बैनर और स्लोगन की तख्तियां लिए थे। पुलिस ने उन्हें शांत करने और बैनर लेने की कोशिश की तो नोकझोंक भी हुई। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट पंकज पंत सहित अन्य अफसरों की मौजूदगी में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में कहा गया कि विधेयक देश के बहुलवादी ताने-बाने का उल्लंघन करता है और समानता का अधिकार प्रभावित करता है। बिल असम समझौते 1985 के अनुरूप नहीं है। राष्ट्रपति से मांग की गई कि धर्म निरपेक्ष और न्यायिक स्तर पर सभी के अधिकारों की सुरक्षा के साथ कोई कानून लागू होना चाहिए। इस दौरान नायब शहर काजी नदीम अख्तर, जमीयत उलमा-ए-हिंद और जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलवी फरीद, शमशेर हसन, मौलाना साजिद, चौधरी मुजफ्फर अली, मंसूद बदर, शमशेर हसन, जहूर अहमद, मौलाना जुनैद, रईस, सैयद रिहान, अबू बकर, मोहम्मद नईम पीरजादा, मोहम्मर आरिफ खान आदि मौजूद रहे।
जताया विरोध किया प्रदर्शन
सहारनपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद अल मुस्लिमीन पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बिल के विरोध में 62 फुटा रोड पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। इस दौरान कार्य समिति सदस्य सनव्वर अली, काशिफ, हसीब अल्वी, मोहम्मद शाद, मोहम्मद रियाज आदि मौजूद रहे।