प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी भारत स्वच्छ मिशन को ग्राम प्रधान ही पलीता लगा रहे है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनपद में संचालित करीब 100 सरकारी विद्यालयों में अभी तक शौचालय नहीं बनाए गए है।
बता दें कि जनपद में 1355 प्राथमिक और 576 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित है। सरकारी आंकड़ों पर नजर डाले तो करीब 100 से ज्यादा विद्यालयों में शौचालय नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों को कई महीने पहले शौचालयों का निर्माण जल्द से जल्द कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन प्रधानों की लापरवाही के चलते एक भी शौचालय नहीं बन सका। इसका खामियाजा नन्हे मुन्ने बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
शौच जाने के लिए छात्राओं को विद्यालय से बाहर का रुख करना पड़ रहा है। सरकारी मशीनरी की ओर से ग्राम प्रधानों को दोबारा पत्र जारी करते हुए शौचालयों का निर्माण जल्द जारी करने के आदेश दिये गए है।
पत्र लिखने के साथ मांगा बजट
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्घप्रिय सिंह ने बताया कि जिन विद्यालयों में शौचालय नहीं है, उनमें जल्द ही शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए ग्राम प्रधानों को पत्र लिखने के साथ जिला योजना समिति से भी बजट मांगा गया है।