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एक माह से नहीं हुई कोई सर्जरी, निजी अस्पतालों में भटक रहे मरीज

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एक माह से नहीं हुई कोई सर्जरी, निजी अस्पतालों में भटक रहे मरीज
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सहारनपुर। बीते एक माह से सरकारी अस्पतालों में कोई सर्जरी नहीं हो रही है। इसकी वजह से गंभीर मरीजों को सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी आसानी से काम नहीं हो रहा है, क्योंकि निजी अस्पताल कोरोना की आरटी-पीसीआर जांच की नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही सर्जरी कर पा रहे हैं।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने 17 अप्रैल 2021 को सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी और ओटी बंद की हुई हैं। एसबीडी जिला अस्पताल में प्रतिदिन दस से 15 सर्जरी सामान्य बीमारियों जैसे स्टोन, रसोली आदि की होती थी। सर्जन डॉ. नरेश सैनी के अनुसार वह और उनके साथी सर्जन एक माह में 400 से अधिक सर्जरी करते थे, मगर कोरोना की वजह से ओटी बंद है। नेत्र सर्जरी की बात करें तो डॉ. एसएस लाल और डॉ. रामानंद अपनी टीम के साथ मिलकर महीने में 200 से 250 आंखों की सर्जरी करते हैं, मगर बीते एक माह से यह भी बंद है। नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. मनीष पांडेय ने बताया कि उनकी ओटी में हर माह 20 से 30 ऑपरेशन नाक, कान और गले के होते हैं। मगर फिलहाल बंद हैं। ऐसे में मरीज अब भी संपर्क करते हैं, मगर चूंकि ओटी बंद है। ऐसे में सर्जरी नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में ऐसे मरीज, जिनकी हालत खराब और सर्जरी होना जरूरी है और वह इंतजार नहीं कर सकते हैं। उन्हें निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
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प्रसव भी हुए बंद
जिला महिला अस्पताल की भी यही स्थिति है। यहां भी ओपीडी और ओटी बंद है। जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन दस से 15 प्रसव होते थे, मगर कोरोना के चलते सब बंद है। ऐसी स्थिति में महिलाएं प्रसव के लिए निजी चिकित्सकों के पास जाने को मजबूर हैं।
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