जाहरवीर शिरोमणि गुग्गावीर चौहान की स्मृति में आयोजित हो रहे मेला गुघाल के दूसरे दिन भी म्हाड़ी पर निशान चढ़ाने वालों की भीड़ उमड़ी।
सुबह से ही शहर और देहात के श्रद्धालु निशान चढ़ाने के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। इस दौरान व्यवस्था बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी।
नकुड़ रोड स्थित म्हाड़ी पर निशान और प्रसाद चढ़ाने के लिए उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से इंतजाम किए गए हैं।
पहले दिन हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुुओं के बाद उम्मीद थी कि दूसरे दिन भीड़ कम रहेगी, मगर नहीं। दूसरे दिन भी पहले दिन जैसी स्थिति रही। व्यवस्था बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। बड़ी नहर के पुल पर बेरीकेड लगाए गए हैं, जिससे आगे किसी वाहन को एंट्री नहीं दी जा रही है।
भारी भीड़ की वजह से म्हाड़ी पर श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की का माहौल रहा। निशान चढ़ाने के लिए श्रद्धालुुओं के दोनों ओर से एंट्री करने की वजह से अव्यवस्था दिखी। मेला स्थल पर दुकानें और हिंडोले सज गए हैं। इस बार गत वर्ष की तुलना में भीड़ अधिक रहने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष सांप्रदायिक दंगे की वजह से मेला गुघाल फीका रहा था, जिसकी वजह से दुकानदारों को मायूस होकर लौटना पड़ा था। उधर, शाम साढ़े सात बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रंखला में ये शाम मस्तानी कार्यक्रम का आयोजन जनमंच में किया गया। इसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी कला का जादू बिखेरा।
कार्यक्रम में नगरायुक्त डॉ. नीरज शुक्ला, मेला अधिकारी सच्चिदानंद, राजेंद्र कुमार सिंह, शैलेंद्र मोहन टंडन, राजकुमार वर्मा आदि थे।