रालोद के चुनाव चिह्न पर नामांकन पत्र दाखिल होने के बाद जांच के दौरान कनीज जेहरा के प्रपत्रों में गलती मिलने पर उन्हें खारिज कर दिया गया। बताया गया कि उसने जानबूझ कर प्रमाण पत्रों में गलती की गई। जिससे रालोद व सपा गठबंधन का कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में न रह सके। कमाल की बात है कि एक प्रत्याशी पार्टी से नामांकन पत्र दाखिल करता है तो प्रपत्रों में गलती होती है और वो ही प्रत्याशी जब निर्दलीय नामांकन पत्र दाखिल करता है तो प्रपत्रों में कोई गलती नहीं रहती।
बताया गया है कि बसपा प्रत्याशी व रालोद की प्रत्याशी आपस में जेठानी व देवरानी है, जेठानी को लाभ पहुंचाने के लिए रालोद के नामांकन पत्र में संभवतः कमी रही होगी।
माना जा रहा है कि अफजाल खान की पत्नी रूमाना खान को सपा-रालोद गठबंधन में रालोद का टिकट न मिले इस लिए नावेद अख्तर गुट द्वारा रालोद से अपने भाई की पत्नी का नामांकन पत्र दाखिल किया गया था, जो कि प्रपत्रों में गलती के चलते निरस्त हो गया। अफजाल खान की पत्नी रूमाना खान ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
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उधर, रालोद जिलाध्यक्ष राव कैसर का कहना है कि प्रत्याशी ने जान बूझकर गलती की, जिससे नामांकन पत्र खारिज हुआ। बृहस्पतिवार यानि आज पार्टी नानौता में चुनाव को लेकर कोई निर्णय लेगी।