फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत: इस सीजन में ही चल जाएंगे नौ नए खांडसारी उद्योग

विज्ञापन
विज्ञापन
मिलों पर पेराई का दबाव कम करेगी नई खांडसारी इकाइयां
विज्ञापन

सहारनपुर। गन्ना रकबा बढ़ने के साथ गन्ना उत्पादन भी बढ़ा है। ऐसे में चीनी मिलों पर गन्ना पेराई का दबाव लाजिमी होगा। अब जिले में नौ नई खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस मिलने से यह दबाव कम हो जाएगा। इन इकाईयों की पेराई क्षमता दो-दो हजार क्विंटल प्रतिदिन की होगी। जिले में दो खांडसारी पहले से चल रही हैं। 11 खांडसारी उद्योगों की पेराई क्षमता करीब 25 हजार क्विंटल होगी।
जिले में इस बार करीब 30 लाख क्विंटल अधिक गन्ना उत्पादन होने की संभावना है। पिछले सीजन में मिलों ने 520 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। जो इस बार बढ़कर 550 लाख क्विंटल का अनुमान है। गन्ना क्षेत्रफल 1.7 लाख हेक्टेयर है। जो गत सीजन से करीब छह हजार हेक्टेयर अधिक है। अबकी मिलों का पेराई सत्र जून तक जाने उम्मीद है। दो खांडसारी इकाईयों की पेराई क्षमता 7000 क्विंटल प्रतिदिन की थी। अब जिन नौ इकाईयों को लाइसेंस जारी होने वाले हैं उनकी पेराई क्षमता दो-दो हजार क्विंटल रोजाना की होगी।
विज्ञापन

-----------------
चीनी मिल से 7.5 किमी दूर ही लग सकता है खांडसारी उद्योग
खांडसारी निरीक्षक हरि शंकर ने बताया कि खांडसारी इकाई को लगाने के लिए चीनी मिल से कम से कम 7.5 किलोमीटर के दूरी (एरियल डिस्टेंस) होनी चाहिए। पट इंजन वाली इकाई में चाहे खांड बनाई जाए या फिर गुड़, सभी को इस दूूरी का पालन करना होगा।
विज्ञापन

-----------
-- वर्जन --
नई खांडसारी इकाईयों के अगले सप्ताह तक लाइसेंस जारी होने की उम्मीद है। इनमें बचीटी, साखन कलां, केंदुकी, गोपाली, आसावाला, लंढौरा, रामपुर मनिहारान, लखनौती मुस्तकीम शामिल हैं। इसी वर्ष ही नल्हेड़ा गुर्जर में भी खांडसारी की एक इकाई का लाइसेंस जारी हुआ है। इन सभी की पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन की हो जाएगी।
- सुभाष चंद, सहायक चीनी आयुक्त।
---------
जनपद में चीनी मिलों की पेराई क्षमता प्रतिदिन ( क्विंटल)
मिल ------------ पेराई क्षमता
देवबंद ---------- 1,40,000
गांगनौली ------- 90,000
शेरमऊ ---------- 70,000
गागलहेडी ------- 50,000
नानौता ---------- 50,000
सरसावा --------- 27,500कुल पेराई क्षमता--- 4,27,500
---------
(नोट:गन्ना विभाग के आंकडों के अनुसार)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें