सहारनपुर। आदर्श आचार संहिता के दौरान नियमों को ताक पर रखकर 46 सहकारी समितियों में करीब 90 नियुक्तियों के मामले में शासन गंभीर है, जिन लोगों की नियुक्तियां की गईं थीं। इनसे किसी भी प्रकार कार्य न लेने और वेतन न देने के आदेश जारी किए गए हैं। इस मामले में पूर्व एआर कॉपरेटिव निलंबित हो चुके हैं।
दरअसल, आदर्श आचार संहिता के दौरान नियुक्तियां की गईं थीं। इस मामले में रुपयों का लेनदेन का ऑडियो भी वायरल हो चुका है। अंबेहटा पीर सहकारी समिति के सभापति द्वारा जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित कर दी थी। मामले में सबसे पहली गाज पूर्व एआर कोऑपरेटिव सूर्य नारायण मिश्र पर गिरी थी। उनका तबादला कर दिया गया था। इसके पश्चात लखनऊ से आई टीम ने जांच कर शासन को रिपोर्ट दी, जिसके बाद तत्कालीन एआर कोऑपरेटिव सूर्य नारायण मिश्र को निलंबित कर दिया गया था। उनकी जगह नए एआर कोऑपरेटिव रवि शंकर को भेजा गया। शासन के निर्देशानुसार एआर कोऑपरेटिव रवि शंकर ने सचिवों को आदेश जारी किए की, जिन लोगों की नियुक्तियां हुईं थीं। इनसे किसी तरह काम न लिया जाए और वेतन दिया जाए। इस मामले में सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की गर्दन फंस सकती है।
- इन समितियों में हुआ गड़बड़झाला
सहकारी समिति सड़क दूधली, समस्पुर, तकीपुर, तीतरो, रायपुर, सरसावा, रघुनाथपुर, छुटमलपुर, गणेशपुर, सलारपुर, कुरड़ी, इब्राहिमपुरा, बबैल बुजुर्ग, देवबंद, जानखेड़ा, मियानगी, हरिपुर, मझौल, बाधी, खानपुर अफगान, थरौली, झबीरण, रणदेवा, अनंत मऊ, लखनौती, ताताहेड़ी, गंगोह, दुगचाड़ा, भाटौल, सांगठेड़ा, समस्पुर कला, अंबेहटा पीर, अध्याना, बड़गांव, सालापुर, बीनपुर, कांसेपुर, बुढेड़ा, असलमपुर बरथा शामिल हैं।
- जिन की नियुक्तियां की गईं थीं, उसने किसी प्रकार कोई काम नहीं लिया जाएगा और न ही वेतन मिलेगा। इसके लिए निर्देश जारी किए गए। - रवि शंकर, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता विभाग