सहारनपुर। कोऑपरेटिव और गन्ना समितियों में डीएपी और एनपीके उर्वरक उपलब्ध नहीं होने के मामले में मंडलायुक्त ने इसे संयुक्त कृषि निदेशक की लापरवाही माना है। इस वजह से किसानों को परेशान होना पड़ा। मंडलायुक्त ने संयुक्त कृषि निदेशक का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि संयुक्त कृषि निदेशक शासकीय कार्यों और अपने पद के दायित्वों का निर्वहन में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। मंडल में खाद की उपलब्धता और पिछले वर्ष की स्थिति के संबंध में सूचना देने के निर्देश दिए थे, लेकिन संयुक्त निदेशक ने कोई जवाब नहीं दिया। मंडलायुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. वीरेंद्र कुमार का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि इनके द्वारा प्रमुख सचिव कृषि विभाग लखनऊ का अनुमोदन प्राप्त करने पर ही वेतन आहरित किया जाएगा।
दरअसल, जनपद में इस समय रबी फसलों की बुवाई जोरों से चल रही है। गेहूं, सरसों, शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए डीएपी और एनपीके उर्वरकों की जरूरत रहती है। इसके बावजूद जनपद की कई सहकारी समितियों में डीएपी और एनपीके उर्वरकों की उपलब्धता नहीं होने से किसानों को परेशान होना पड रहा है। सहकारी समितियों में उर्वरक नहीं मिलने से किसान निजी दुकानदारों से खरीदना पड़ रहा है।