सहारनपुर। कागजों में पुनर्जन्म, हकीकत में मातम। नगर निगम के जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग की गंभीर लापरवाही ने कुछ ऐसी ही तस्वीर पेश की, जिस परिवार ने अपने दिवंगत सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था, उन्हें कुछ दिन बाद जन्म प्रमाणपत्र थमा दिया गया। परिजनों की आपत्ति पर गलती सुधारी गई और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया।
पेपर मिल रोड स्थित हिम्मतनगर कॉलोनी के रहने वाले मोहम्मद शमीम का 17 जून 2026 को निधन हो गया था। उनके परिजनों के द्वारा मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम के हकीकतनगर स्थित जोनल कार्यालय में आवेदन किया गया था। तमाम कागजी कार्रवाई अपनाई गई। आवेदन करने के बाद नगर निगम द्वारा अपने स्तर से सत्यापन भी कराया गया, लेकिन जब परिजन कुछ दिन पहले प्रमाणपत्र लेने के लिए जोनल कार्यालय पहुंचे तो उनके हाथ जन्म प्रमाणपत्र थमा दिया गया। इसमें मोहम्मद शमीम का जन्म 17 जून 2026 का ही दर्शाया गया। इसे देखकर परिजन हैरान हुए और उन्होंने आपत्ति व्यक्त की।
मामला नगर निगम के अधिकारियों तक भी पहुंचा। उनके संज्ञान में लेने के बाद जन्म प्रमाणपत्र को निरस्त करते हुए उसकी जगह मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया। जोनल कार्यालय का तर्क है कि सत्यापन आदि सबकुछ सही हुआ, लेकिन लिपिकीय त्रुटि के कारण मृत्यु की जगह जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिस पर ध्यान नहीं गया। उन्होंने बताया कि पता चलते ही जन्म प्रमाणपत्र खारिज कर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। संबंधित लिपिक को चेतावनी दी गई है।
इन प्रक्रिया से गुजरते हैं प्रमाणपत्र
जन्म प्रमाणपत्र के लिए यदि जन्म होने के बाद 21 दिन के भीतर आवेदन किया जाए तो लगभग एक सप्ताह में प्रमाणपत्र तैयार हो जाता है, लेकिन यदि एक वर्ष या उससे अधिक पुराना जन्म है तो निगम उसका सत्यापन कराता है। फाइल उप जिलाधिकारी स्तर तक जाती है। इसी तरह मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए भी 21 दिन में आवेदन करना होता है, जिसके साथ श्मशान या कब्रिस्तान की रसीद आदि दस्तावेज लगते हैं। एक महीने से एक वर्ष के बीच आवेदन करने पर शपथ पत्र भी देना होता है। एक वर्ष के बाद फाइल उप जिलाधिकारी के पास भी जांच के लिए जाती है। संबंधित अधिकारियों के अन्य कार्यों में व्यस्त होने के कारण ऐसे सैकड़ों जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों का सत्यापन लटका हुआ है। इसकी वजह से आवेदक कभी नगर निगम, कभी तहसील तो कभी जोनल कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।