उच्च न्यायालय के आदेश से बेचैन शिक्षामित्रों और समायोजित शिक्षकों को एनसीटीई के नए आदेश से भारी राहत मिली है। जनपद में समायोजित हो चुके 1738 शिक्षामित्रों ने चैन की सांस ली है। वहीं समायोजन की कतार में खड़े शिक्षामित्रों को भी आशा की नई किरण दिखाई दी है।
बता दें कि शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा माध्यम से प्रशिक्षण देने के बाद राज्य सरकार ने सहायक अध्यापक के रूप में समायोजन कराने का निर्णय लिया था। कई सालों तक शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को चरणवार स्थानी नौकरी देने के साथ सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया जा रहा था। जिसके अंतर्गत जनपद में 1738 शिक्षामित्रों को समायोजित किया जा चुका है।
इस नियुक्ति के विरोध में उच्च न्यायालय ने 12 सितंबर को शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त करने के आदेश दिए थे। न्यायालय ने शिक्षामित्रों की स्थायी नौकरी को अवैध माना था। कोर्ट के निर्णय के बाद शिक्षामित्रों को गहरा झटका लगा। उन्हें शिक्षामित्रों से शिक्षक होने का दर्जा छिनने के साथ स्थायी नौकरी का सपना टूट जाने का भय सताने लगा था। मंगलवार को एनसीटीई की ओर से जारी नए आदेश से शिक्षामित्रों और समायोजित शिक्षकों को भारी राहत मिली है।
दीपावली का तोहफा
सहारनपुर। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष अंजू कश्यप का कहना है कि शिक्षामित्रों के समायोजन संबंधी एनसीटीई का नया आदेश संगठन के संघर्ष का परिणाम है। सरकार ने इस नए आदेश के माध्यम से शिक्षामित्रों और समायोजित शिक्षकों को इस दीपावली पर बड़ा तोहफा दिया है।