सहारनपुर। खतौनी में अपनी विरासत दर्ज कराने के लिए तहसील में भटकने वालों को अब राहत मिलेगी। शासन के निर्देश पर निर्विवाद उत्तराधिकारियों के नाम खतौनी में दर्ज करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एक अप्रैल से 31 मई तक जनपद की पांचों तहसीलों में 1482 विरासत खतौनी में दर्ज हो चुकी हैं।
खातेदार किसान की मौत के बाद उसके उत्तराधिकारियों को खतौनी में अपनी विरासत दर्ज कराने के लिए भटकना पड़ता था। इसे देखते हुए शासन के निर्देश पर अभियान चलाकर निर्विवाद उत्तराधिकारियों के नाम खतौनी में दर्ज कराए जा रहे हैं। जनपद में इसकी शुरूआत हो चुकी है। इसमें लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक राजस्व गांवों का भ्रमण कर सत्यापन करेंगे। एक अप्रैल से 31 मई तक जनपद की पांचों तहसीलों में 1482 निर्विवाद वारिसों के नाम खतौनी में दर्ज कराए जा चुके हैं। इस बीच जनपद के 1609 गांवों में विरासत दर्ज करने के 1542 मामले तहसीलों में आए हैं। विवादित प्रकरणों का भी निस्तारण किया जा रहा है। 58 विवादित प्रकरणों में वाद दर्ज किए गए हैं।
जनपद की सभी तहसीलों में अभियान चलाकर खातेदार किसान की मौत के बाद उनके निर्विवाद उत्तराधिकारियों के नाम खतौनी में दर्ज कराए जा रहे हैं। जिससे किसी भी वारिस को अपना नाम खतौनी में दर्ज कराने के लिए भटकना न पडे़। जनपद में एक अप्रैल से 31 मई तक जनपद में 1482 निर्विवाद वारिसों के नाम खतौनी में दर्ज हो चुके हैं। ---- डॉ. अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन।
दो माह में दर्ज हुई विरासत
तहसील दर्ज विरासत
सहारनपुर 306
नकुड़ 365
देवबंद 203
बेहट 245
रामपुर मनिहारान 363
नोट: भूलेख कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार।