सहारनपुर। उपजिलाधिकारी सदर अनिल कुमार सिंह ने जनता रोड की जमीन पर अवैध रूप से दर्ज चले आ रहे काश्तकारों के नाम खारिज कर दिए हैं। इस भूमि का अधिग्रहण लोकनिर्माण विभाग ने सड़क के लिए किया था, लेकिन राजस्व रिकार्ड में अभी तक मूल खातेदारों के नाम ही दर्ज थे।
एसडीएम सदर ने बताया कि जनता रोड के लिए लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 1962 में कई गांवों के साथ ही ग्राम तिपरपुर के खसरा संख्या 115,116 एवं 117 की भूमि का भी अधिग्रहण किया था और मूल खातेदारों को मुआवजे का भुगतान भी कर दिया था। अधिग्रहण के बाद नियमानुसार इस भूमि पर लोक निर्माण विभाग का नाम दर्ज होना चाहिए था, लेकिन चकबंदी विभाग द्वारा भेजे परवाना अमल दरामद का इंद्राज तहसील के अभिलेखों में नहीं होने के कारण सड़क की भूमि पर भी काश्तकारों का नाम चलता रहा। चकबंदी के बाद पुराने खसरा नंबरों से नए नंबर बन गए और मूल काश्तकारों की मृत्यु के बाद उनके वारिसों के नाम भी दर्ज हो गए।
उन्होंने बताया कि ग्राम पुंवारका में यूनिवर्सिटी स्थापित होने की प्रक्रिया शुरू होते ही जनता रोड पर जमीनों के दाम काफी बढ़ चुके हैं। अभिलेखों में हुई इस गलती का फायदा उठाकर खातेदार यशपाल, वीर सिंह, महावीर सिंह, रिजवान, अख्तर, फुरकान आदि ने अवैध तरीके से खसरा संख्या 115,116 व 117 की भूमि के बैनामा करने शुरू कर दिए। खरीदारों को सड़क से लगी ऐसी जमीनों पर कब्जा दिलाने का प्रयास किया जो दूसरे खातेदारों की हैं। इस कारण यहां कई भूमि विवाद हो गए। उन्होंने बताया कि जनता रोड से संबंधित सभी अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। इस प्रकार का कोई भी मामला मिलने पर तत्काल दुरुस्ती की कार्रवाई की जाएगी।
ये था मामला
कुछ लोगों ने बैनामा करके नितिन अग्रवाल की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया। एसडीएम सदर और सीओ द्वितीय के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हो सकी। इसके बाद नितिन अग्रवाल ने डीएम को प्रार्थनापत्र सौंपा। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर ने अपने न्यायालय में केस दर्ज कर पूरे मामले में तहसीलदार से रिपोर्ट तलब की। तहसीलदार ने रिपोर्ट में यह पुष्टि की कि सड़क के लिए अधिग्रहीत हो चुकी भूमि पर काश्तकारों के नाम गलत दर्ज चले आ रहे हैं, जिन्हें खारिज करना चाहिए। सभी पक्षों को नोटिस देकर सुनवाई करने के बाद सोमवार को उपजिलाधिकारी ने ग्राम तिपरपुर के खसरा संख्या 115,116 व 117 से कथित खातेदारों के नाम खारिज करके जनता रोड दर्ज करने के आदेश पारित किए हैं।