नानौता (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांव छछरौली में दलित परिवार ने मुस्लिम समाज के कुछ लोगों पर मकानों के सामने निकाली जा रही घुड़चढ़ी रुकवाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि उनका डीजे भी बंद करा दिया गया। पीड़ित पक्ष की तरफ से थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
नानौता थाना क्षेत्र के गांव छछरौली निवासी नाथीराम ने तहरीर देकर बताया कि 27 नवंबर को उसके बेटे मनोज की शादी समारोह के तहत रात में रिश्तेदारों व परिजन मिलकर घुड़चढ़ी निकाल रहे थे। आरोप है कि घुड़चढ़ी जैसे ही गांव में मुस्लिम समाज के लोगों के घरों के आगे पहुंची तो छह युवकों ने घुड़चढ़ी रुकवा दी। उन्होंने डीजे भी बंद करा दिया और अपने मकानों के आगे से निकलने से भी मना कर दिया। हालांकि वहां पर मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह मामले को शांत कराया।
पीड़ित ने बताया कि शनिवार को शादी के बाद रस्म निभाते हुए परिजन ढोल बाजे के साथ देव स्थान पर जा रहे थे। तब भी रास्ते में आरोपियों ने फिर से ढोल बंद करवा दिया। आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसके बेटे और उस पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस दौरान बचाव में आई परिवार की महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई।
उधर, मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि उनके घर में बीमार बुजुर्ग हैं, जिस कारण उन्होंने डीजे की आवाज कम करने के लिए कहा था। इस तरह के बेबुनियाद आरोप गलत है।
वर्जन
मामला कई दिन पुराना है। शिकायतकर्ता पक्ष के लोग आकर मिले थे। तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। - सागर जैन, एसपी देहात