गंगोह कार्यालय में जन समस्याओं को सुनते सांसद प्रदीप चौधरी
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गंगोह(सहारनपुर)। कैराना सांसद प्रदीप चौधरी ने नागरिकता संशोधन विधेयक को देशवासियों के हितों व धार्मिक उत्पीड़न का शिकार बने शरणार्थियों को संरक्षण देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय मुस्लिमों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर भ्रम की स्थिति पैदा कर राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप लगाया।
अपने आवास पर जनसमस्याएं सुनने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ने बताया कि संसद के दोनों सदनों में लंबी बहस के बाद बिल स्वीकृत हुआ है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संसद में बिल को लेकर किसी भी जाति या धर्म के लोगों का अहित न होने देने की प्रतिबद्धता जताई गई है। कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित लोगों को भारत की नागरिकता देने के लिए बिल लाया गया है। इससे देश के मुसलमानों को कतई घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने नेताओं को विरोध से पहले विधेयक पढ़ने की नसीहत दी। सांसद के अनुसार विधेयक नागरिकता देने वाला है न कि भारतीय मुसलमानों की नागरिकता लेने वाला। कैराना सांसद ने बताया कि यमुना पुल को जोड़ने वाली सड़कों को बनवाने के साथ ही नहर निकलवाने और वंचित ग्रामीण इलाकों व दूरगामी स्टेशनों के लिए रोडवेज बसें चलवाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने नकुड़ से लेकर तीतरो व चौसाना तक वाया गंगोह की सड़कों के निर्माण में देरी पर खेद जताते हुए कहा कि संसद सत्र में व्यस्त होने के कारण इनमें विलंब हुआ है। प्रदीप चौधरी ने भरोसा दिलाया कि अब वे जल्द ही लखनऊ से उक्त कार्यों की स्वीकृति लेकर लौटेंगे।