सहारनपुर के देवबंद में सीरिया व रूसी सेनाओं के द्वारा गोता शहर में नागरिकों पर की जा रही बमबारी के खिलाफ मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। इस दौरान मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।
रविवार देर शाम अल कुरैश एजुकेशनल सोसायटी, तंजीम अब्ना-ए-मदारिस-ए-इस्लामिया, मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत, मरहबा ट्रस्ट व यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के संयुक्त तत्वावधान में मुस्लिम समाज के लोगों ने सीरिया में हो रहे नरसंहार के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी इस्लामिया बाजार से नारेबाजी करते हुए दारुल उलूम चौक व मस्जिद रशीदिया से खानकाह पुलिस चौकी पर पहुंचे। जहां उन्होंने तहसीलदार परमानंद झा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि सीरिया व रूसी सेना मिलकर बेकसूर नागरिकों पर बमबारी कर उन्हें मौत के घाट उतार रही है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक व मानवता के प्रचार देश भारत को इस मानव त्रासदी को रोकने के लिए आवाज बुलंद करनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने रूस व सीरिया के भारतीय दूतावासों को तुरंत बंद किए जाने तथा इस मामले में हस्तक्षेप किए जाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में अथर उस्मानी, मौलाना नदीमुलवाजदी, मौलाना मेहंदी हसन ऐनी कासमी, मौलाना महमुदूर्रहमान कासमी, साद सिद्दीकी, जमाल अंसारी, हैदर अली, महताब कासमी, नासिर अंसारी, सऊद उस्मानी, इस्माईल कुरैशी, आजम कासमी, यासिर सिद्दीकी, नसीरुद्दीन, जीशान, रहमान, अलताफ, अकरम, महताब, मोहम्मद सादिक, अब्दुल जब्बार आदि शामिल रहे।