ऐसे दिया वारदात को अंजाम
एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में जानकारी दी कि 17 फरवरी को पूजा राठौर के सास-ससुर अमराव सिंह राठौर के घर सरसावा आए हुए थे। वह पुत्रवधु को रीति-रिवाज से शादी कराए जाने की बात कह कर अपने साथ लेकर गए थे। सरसावा से घंटाघर तक टेंपो में आए। इसके बाद एक टैक्सी किराए पर ली, जिसके जरिए वह पुत्रवधु को लेकर मुजफ्फरनगर हाइवे होते हुए लाखनौर पहुंच गए। इसके बाद परवेज और मोनू के साथ कार में सवार हो गए। सास-ससुर ने पूजा को बताया कि परवेज व मोनू उनके जानकार हैं। इसके बाद आरोपी पूजा को हरियाणा के जनपद यमुनानगर ले गए, जहां पर गला दबाकर उसकी हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंका। इसके बाद सास-ससुर बीकानेर चले गए और मोनू व परवेज अपने घर लौट गए।
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पूजा के परिवार में नहीं है कोई, प्रवेज भी है पूर्व सैनिक
एसपी देहात अतुल शर्मा ने बताया कि पूजा देहरादून की रहने वाली थी, उसके परिवार में कोई नहीं है। अमराव सिंह राठौर ने उससे प्रेम विवाह किया था। पकड़ा गया आरोपी परवेज पूर्व सैनिक है। इसके अलावा अमराव सिंह राठौर के पिता श्रवण भी पूर्व सैनिक हैं।