पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शिवकुमार हरियाणा में गन्ना क्रेशर पर मजबूरी करता था। दोनों दोस्त थे जो अक्सर शराब पीते थे। घटना वाले दिन दोनों घंटाघर से कैलाशपुर पहुंचे। वहां से 200 रुपये में पाली गांव जाने के लिए टेंपों तय किया। टेंपो से उतरने के बाद दोनों पैदल ही घर जा रहे थे। इस बीच आरोपी राजेश ने देख लिया था कि शिवकुमार के पास काफी रुपये हैं। तब उसने लूट की योजना बनाई।
इस तरह दिया अंजाम
आरोपी ने मौका देखकर शिवकुमार के खेत में धक्का दे दिया। इससे पहले कि शिवकुमार खड़ा होता आरोपी ने उसे दबोच लिया। जिसके बाद गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने उसे घसीटकर खेत के अंदर छोड़ दिया और जेब से 16700 रुपये निकालकर वहां से भाग गया।
परिजन किसी अन्य पर जता रहे थे शक
मृतक के परिजनों ने घटना के खुलासे की मांग को लेकर गागलहेड़ी थाना और पुलिस लाइन में हंगामा किया। परिजनों का आरोप पड़ोसी गांव के ही एक व्यक्ति पर था। क्योंकि मृतक शिवकुमार ने उनसे रुपये ब्याज पर लिए हुए थे। हालांकि हत्याकांड का खुलासा होने के बाद उस व्यक्ति को क्लीन चिट दे दी गई।