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बिल्डिंग तैयार, एमआरआई मशीन आने का इंतजार

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बिल्डिंग तैयार, एमआरआई मशीन आने का इंतजार
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में एमआरआई की सुविधा जल्द शुरू होने जा रही है। बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है। अब केवल मशीनों के आने का इंतजार है।
एमआरआई की सुविधा के लिए भी कई साल पहले शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके लिए शासन से करीब एक वर्ष पहले धनराशि रिलीज हो चुकी है। आंखों के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के सामने बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। मशीन की कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है। मशीन से दोनों तरह की एमआरआई होगी। जांच के लिए मरीजों को कोई पैसा नहीं चुकाना होगा।
एक घंटे में मिलेगी जांच रिपोर्ट
जनपद में दो प्राइवेट अस्पतालों के पास एमआरआई की सुविधा है, मगर उनके पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। ऐसे में एमआरआई की रिपोर्ट बाहर से बनकर आती है, जिसमें 24 घंटे या उससे अधिक का समय लगता है। जिला अस्पताल में लगने वाली एमआरआई मशीनों पर पूरा स्टाफ रहेगा। रेडियोलॉजिस्ट मुंबई और लखनऊ में बैठते हैं। जहां से रिपोर्ट अधिकतम एक घंटे में तैयार होकर आएगी।
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हजारों रुपये में होती है जांच
एमआरआई दो तरह का होता है, जिसमें सामान्य एमआरआई और कंट्रास्ट एमआरआई शामिल है। एमआरआई सिर, छाती, जोड़ों और पूरे शरीर का होता है। इसकी जांच चार हजार रुपये से दस हजार रुपये तक होती है। गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए यह जांच कराना आसान नहीं रहता है।
इनको ही मिलेगी सुविधा
जिला अस्पताल में एमआरआई की सुविधा केवल उन्हीं मरीजों को मिलेगी, जिनको जिला अस्पताल के डॉक्टर लिखेंगे। प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा लिखा गया एमआरआई मान्य नहीं होगा। जिस भी मरीज को यह सुविधा चाहिए उसे सबसे पहले जिला अस्पताल के डॉक्टर को दिखाना होगा।
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सीटी स्कैन में नंबर वन
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है। 27 अप्रैल 2019 को सीटी स्कैन की सुविधा शुरू की गई थी। बीते करीब 15 माह में अभी तक 3300 से अधिक मरीजों का स्कैन किया गया है। कंपनी की ओर से तैनात किए गए इंचार्ज मोहित ने बताया कि प्रदेश के 11 जनपदों के जिला अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है। अभी तक हुए सीटी स्कैन की संख्या के आधार पर सहारनपुर पहले नंबर पर है।
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वर्जन --
एमआरआई की बिल्डिंग बन चुकी है। मशीन शासन को भेजनी है, जिसके जल्द आने की उम्मीद है। इसके बाद मरीजों को सीटी स्कैन की तरह एमआरआई की भी सुविधा मुफ्त मिलेगी। -- डॉ. एसएस लाल, प्रमुख अधीक्षक (चिकित्सा)।
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