सहारनपुर। कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध करार देने के बाद मामले ने सियासी रंग ले लिया है। सांसद इमरान मसूद और एमएलसी शाहनवाज खान शुक्रवार को मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह न्यायिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक फैसला ज्यादा लग रहा है। प्रशासन जमीन का मालिक नहीं है। ऐसे में मस्जिद को अवैध नहीं बताया जा सकता। प्रशासन पहले अपनी मिल्कियत (स्वामित्व) साबित करे। संविधान के दायरे में रहकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। यह आदेश अदालत में टिक नहीं पाएगा।
बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध करार दिया था। मस्जिद को हटाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे सांसद इमरान मसूद, एमएलसी शाहनवाज खान के साथ बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज अदा करने के बाद सांसद इमरान मसूद ने मीडिया से बातचीत करते हुए जिला प्रशासन और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मिल्कियत खेवट से तय होगी। खेवट नंबर 10/1 आज भी रिकॉर्ड के मुताबिक वाहिद खां, याकूब खां के नाम है। यह संपत्ति आज भी उनके नाम चली आ रही है।
उनकी संपत्ति में ही मस्जिद बनी हैं। पहले बड़ा जमींदार होता था। जमीन की कुछ खास कीमत नहीं होती थी। लिहाजा उन्होंने कलक्ट्रेट बनाने के लिए उस समय जमीन दे दी थी। कलक्ट्रेट की मिल्कियत का कोई भी दस्तावेज प्रशासन के पास नहीं है। इसलिए उन्होंने आदेश में खसरे का जिक्र किया है। खसरा तो स्थिति के लिए हैं। खसरे में स्थिति कलक्ट्रेट है, लेकिन मिल्कियत कलक्ट्रेट की नहीं है। इसी कलक्ट्रेट में मंदिर भी बना है। तंज कसते हुए कहा कि आप मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। कल आप मंदिर के खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे। किसी को न तो मस्जिद से दिक्कत है और न ही किसी को मंदिर से परेशानी है। उन्होंने कहा कि एकतरफा आदेश कर दिया। मस्जिद अपनी मिल्कियत पर है कलक्ट्रेट अपनी मिल्कियत पर नहीं है। जमीन कलक्ट्रेट बनाने के लिए दी गई थी। यदि आपत्ति है तो जमीन छोड़ दें। कलक्ट्रेट कहीं और बना लें।
बता दें, कि कोई भी संपत्ति यदि किसी व्यक्ति या संस्था या फिर सरकार की होती है और उस पर पूरा नियंत्रण उन्हीं का होता तो मिल्कियत या स्वामित्व कहा जाता है।
पुलिस प्रशासन रहा चौकन्ना
बृहस्पतिवार को आए इस फैसले के बाद शुक्रवार सुबह से ही पुलिस-प्रशासन चौकन्ना रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को कलक्ट्रेट से दूर तैनात किया गया था। दोपहर के समय जब सांसद इमरान मसूद पहुंचे, तब अचानक हलचल शुरू हो गई। हालांकि सबकुछ शांतिपूर्ण रहा।