शाकंभरी। सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में पौष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मां के दर्शन कर परिवार की खुशहाली की कामना की। माता का भवन जयकारों से गूंजता रहा।
रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते सुबह से ही मां के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम बाबा भूरादेव के दर्शन करने के पश्चात मां के दरबार में पहुंचकर श्रद्धा एवं भक्तिभाव से शीश नवाकर कतार में लगकर दर्शन किए। रविवार होने के चलते शाकंभरी चौकी पुलिस पहले से ही अलर्ट थी और सभी वाहनों को भूरादेव से पूर्व नागलमाफी में रोककर शाकंभरी नदी के रास्ते से खोल में भेजा गया।
पूर्व में वाहनों का सीधा सिद्धपीठ में प्रवेश दिए जाने से भारी भीड़ के पहुंचने से अव्यवस्था का माहौल बन जाता था। पिछले कई माह से पुलिस चौपहिया वाहनों विशेषकर बड़े वाहन रोक देती है। कुछ देर तो गांव नागलमाफी में श्रद्धालुओं के चौपहिया वाहनों की लंबी लाइन लग गई सभी वाहनों को पीछे ही रोकने के चलते सभी श्रद्धालु पैदल ही एक से डेढ़ किमी का रास्ता तय करके मां के भवन तक गए। इसके अलावा शिवालिक पहाड़ियों के मध्य स्थित भूरादेव मंदिर से पांच किमी दूर पहाड़ियों में सहंश्रा ठाकुर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने पहुंच कर ठाकुर जी के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।