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मस्जिद ध्वस्तीकरण : संविधान और कानून का उल्लंघन : लाल बिहारी यादव

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सहारनपुर। कलक्ट्रेट मस्जिद मामले में मंडलायुक्त से मिलने के आ रहे सपा प्रतिनिधिमंडल के कई नेताओं को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। मेरठ में विधायक अतुल प्रधान को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में से 11 सदस्य ही सर्किट हाउस पहुंच सके। सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि यह संविधान और कानून का उल्लंघन किया गया है।
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उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार 1947 से पूर्व के किसी भी धर्म के धार्मिक स्थल का स्वरूप बदला नहीं जा सकता। सुप्रीम कोर्ट भी कई बार बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठा चुका है। आरोप लगाया कि कोर्ट द्वारा दिए गए 30 दिनों की समयावधि का भी पालन नहीं किया। कोर्ट द्वारा आदेश देने के बाद भी उच्च न्यायालय में अपील का वादी को समय दिया जाता है। कहा कि किसी को फांसी का आदेश होने पर अगले ही दिन फांसी नहीं दे जाती। मस्जिद वाले स्थल पर कुआं मिलने के सवाल पर कहा कि पहले नल आदि नहीं होते थे। लोग कुएं से ही पानी पीते थे। मस्जिद किसके आदेश पर गिराई गई। प्रशासन हमें भले ही न बताए, लेकिन अदालत को बताना होगा।
उन्होंने आमजन से भाईचारे और शांति की भी अपील की। करीब तीन घंटे सर्किट हाउस में इंतजार करने के बाद अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह को कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद, सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद इकरा हसन, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, विधायक आशु मलिक, विधायक उमर अली, एमएलसी किरन पाल कश्यप, मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, ओसामा गाड़ा, साहिल खान मौजूद रहे।
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ज्ञापन में ध्वस्तीकरण की जांच करने की मांग
सौंपे गए ज्ञापन में जांच की मांग की। बताया कि 16 जुलाई 2026 को मस्जिद पक्ष के विरुद्ध 30 दिनों की वैधानिक अनुपालन अवधि प्रदान करते हुए बेदखली का आदेश पारित किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अधिनियम के पांच (ख) के साथ पांच (क) को अमल में लाते हुए कस्टडी में लेने के बाद ध्वस्त कर दिया। उन्होंने ध्वस्तीकरण में शामिल अधिकारियों की जांच करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। कहा कि मस्जिद और कलक्ट्रेट जिस जमीन पर बनी है इसके मालिक याकूब खान है, जिन्होंने कलक्ट्रेट को 90 वर्ष के लिए लीज पर दी थी। सरकार ने न तो आज तक इस जमीन को खरीदा है और न ही अधिग्रहीत की है। मामले की जांच के साथ दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने मस्जिद स्थल पर किसी भी प्रकार की आगे सफाई, परिवर्तन कार्य पर रोक लगाने की मांग की।

ये रहे हाउस अरेस्ट
सपा के 23 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में से 12 सदस्यों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इसमें महानगर अध्यक्ष हाजी नवाब अंसारी, राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसेन, विधायक राम अवतार सैनी, पूर्व विधायक माविया अली, राहुल भारती, मांगेराम कश्यप, विनोद तेजियान, फैसल सलमानी, अभिषेक टिंकू अरोड़ा, काशिफ अल्वी शामिल रहे।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव ने की मुलाकात
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्ला कासमी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मस्जिद कमेटी के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रक्रिया और कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया। जिला अदालत का फैसला आने के महज तीन-चार दिन के भीतर मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पश्चिम क्षेत्र के सदर मौलाना अखिल, प्रदेश सचिव तारीफुल मोहित चौधरी तथा मौलाना गुलफाम, मौलाना फरीद आदि मौजूद रहे।

कांग्रेस नेता भी रहे हाउस अरेस्ट
मस्जिद प्रकरण के चलते कांग्रेस नेताओं को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी को पुलिस ने उनके घर पर नजरबंद कर दिया। इसके साथ ही अन्य नेताओं को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। वहीं, लखनऊ से प्रदेशाध्यक्ष अजय राय को सहारनपुर आते समय रोक लिया गया।
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