सहारनपुर। देवोत्थान एकादशी आज है तो शादी समारोह भी खूब होने हैं। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जारी हुई नई गाइड लाइन को देखते हुए समारोह में अधिकतम 100 लोगों की ही व्यवस्था को लेकर इंतजाम किए गए हैं। शादी समारोहों के लिए लोगों ने प्रशासन से अनुमति ली है।
सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर के यहां से ही 314 अनुमति ली जा चुकी है, जबकि जिले में एसडीएम बेहट, एसडीएम देवबंद और एसडीएम नकुड़ के यहां मिलाकर 500 से ज्यादा लोगों ने शादी समारोह के लिए अनुमति ली है।
खास बात यह है कि त्योहारी सीजन में ढील मिलने के बाद लोगों ने शादी समारोहों को लेकर भी खूब तैयारियां की थीं, लेकिन बीते दिनों कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी। उसके मुताबिक अधिकतम 100 लोग ही शादी समारोह में शामिल हो सकते हैं।
घर के पास ही कर लिया इंतजाम
कार्यक्रम सूक्ष्म होने के बावजूद बैंक्वेट हालों में बुकिंग हैं, जिसके चलते मंगलवार को बैंक्वेट हालों पर सजावट नजर आई। अंबाला रोड स्थित बैंक्वेट हाल के गेट पर फूलों से सजावट की गई थी। यहां कोरोना काल से पूर्व में सजावट के अलावा वाहनों की पार्किंग का बड़ा इंतजाम होता था, लेकिन अब कम हो गया है। वहीं, काफी लोगों ने शादी समारोह को सूक्ष्म करने के उद्देश्य से ही अपने घरों की छत पर इंतजाम किए हैं।
उलझन में कारोबारी
होटल संचालक चिराग ने बताया कि शादी समारोह में 100 लोगों के शामिल होने के मुताबिक व्यवस्था बनाई गई है। सहालग शुरू होने पर गाइडलाइन में छूट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब फिर से 100 लोगों के इंतजाम की ही व्यवस्था बनाई है।
कैटर्स रविंद्र का कहना है कि बैंक्वेट हाल के अलावा जो लोग अपने घरों के आसपास शादी समारोह कर रहे हैं, उनमें भी अधिकतम 100 लोगों के ही इंतजाम कराए जा रहे हैं। इससे कैटरिंग का कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
भगवान हरि विष्णु की करें पूजा : कालेंद्रानंद
सहारनपुर। राधा विहार स्थित श्री वैष्णवी महाकाली मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने बताया कि देव उठनी एकादशी पर देव छह मास के बाद पुन: जागृत होते हैं, जो देव दीपावली भी कहलाती है, जिसका वृत्तांत मूलत: श्री बद्रीनाथ से जुड़ा है। छह मास तक मानव देव पूजा का विधान है और छह मास देव उठनी एकादशी से छह महीने तक देवताओं द्वारा पूजा की जाती है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु और पित्र देवताओं की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही दीप जलाकर प्रभु की आराधना करें।
अंबाला रोड़ पर सजा वेंकट हॉल- फोटो : SAHARANPUR