सहारनपुर। शहर के मोहल्ला काहरान में नागरिक बंदरों के आतंक से परेशान हैं। आलम यह है कि महिलाएं और बच्चे अकेले छत पर नहीं जा सकते हैं। कई बार बंदर महिलाओं खासकर बच्चों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग नगर निगम से की है।
पुरानी चुंगी क्षेत्र स्थित मोहल्ला काहरान में बीते कई साल से बंदरों का आतंक है। यहां रहने वाले पीयूष कश्यप ने अमर उजाला को व्हाट्स एप के जरिये मोहल्ले की समस्या बताई। बताया कि दिन के साथ ही बंदर रात भर छतों पर मंडराते रहते हैं। लोग छतों पर कोई सामान या कपड़े तक नहीं फैला सकते हैं। बंदर कपड़े लेकर भाग जाते हैं। पानी के ओवर हैड टैंक के ढक्कन तक खोलकर फेंक देते हैं। शशि ने बताया बंदर हमलावर हो रहे हैं, जो छत पर जाने वाली महिलाओं और बच्चों पर हमला कर रहे हैं। अभी तक एक दर्जन से अधिक लोगों पर हमला कर चुके हैं। विक्की ने बताया बंदर छतों पर रखा सामान तो उठा ही ले जाते हैं। बाजार से सामान लेकर आने वालों से भी सामान झपटते हैं। संजीव ने बताया बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए क्षेत्रवासी कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। उनकी मांग है कि क्षेत्रवासियों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जाए।
नगर निगम का काम सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले पशुओं को उठाकर गोशालाओं और कांजी हाउस भेजना है। बंदरों को हटाने का काम वन विभाग का है। ऐसे में वन विभाग के अधिकारी ही कुछ समाधान कर सकते हैं। - डॉ. संदीप मिश्रा, पशु चिकित्सक, नगर निगम सहारनपुर।
संजीव- फोटो : SAHARANPUR
विक्की- फोटो : SAHARANPUR
पीयूष कश्यप- फोटो : SAHARANPUR
शशी- फोटो : SAHARANPUR
मौहल्ला काहरान में बंदरो आतंक- फोटो : SAHARANPUR