सहारनपुर। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के आने वाले निर्णय को लेकर प्रशासन ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति बनाई। एसएसपी ने कहा कि मिश्रित आबादी क्षेत्रों में ड्रोन से नजर रखी जाएगी।
जनमंच सभागार में आयोजित बैठक में मंडलायुक्त संजय कुमार ने कहा कि सभी एसडीएम और थानाध्यक्ष रोजाना अपने क्षेत्रों में बैठक करें, साथ ही ग्रामवार शांति समिति की सूची बना लें। संवेदनशील गांव में एसडीएम एवं क्षेत्राधिकारी खुद जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च करें और सभी असलहे जमा करा लिए जाएं। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ग्राम स्तर पर लेखपाल, रोजगार सेवक, लाइनमैन, आशा कार्यकत्री, ग्राम प्रधान, मुख्य सेविका आदि के मोबाइल नंबर अपने पास सुरक्षित रखें। डीआईजी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि सोशल मीडिया के सभी ग्रुपों पर कड़ी नजर रखी जाए। सभी सरकारी कर्मचारी अपने अपने क्षेत्रों पर नजर रखकर पुलिस को सूचना देंगे। सभी पुलिस कर्मी 30 नवंबर तक अपने थानों में ही निवास करेंगे। संवेदनशील इलाकों की रैंडम चेकिंग की जाए।
डीएम आलोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि सभी अधिकारी अपने कार्यालय में भी इंटरनल बैठक कर लें। भ्रामक सूचना देने वालों की तुरंत सूचना दी जाए। अधिशासी अधिकारी पार्षदों, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं बीडीओ सभी ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर शांति व्यवस्था बनाने में योगदान देंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सभी 11 गोशालाओं पर नजर रखेंगे और रात्रि विश्राम भी करेंगे। इस दौरान किसी को कोई छुट्टी नहीं मिलेगी। कोई भी अधिकारी किसी भी दशा में मुख्यालय नहीं छोडे़गा। एसएसपी दिनेश कुमार ने ग्राम स्तर पर बवालियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस अड्डे, होटल, रेस्टोरेंट, बार, प्रमुख चौराहों पर कड़ी निगाह रखी जाए। इसके अलावा जो बाहरी व्यक्ति अचानक आकर रुक रहे हैं, उन पर भी नजर रखी जाए। मन्दिर-मस्जिदों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि मिश्रित आबादी में ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी। सभी पुलिस कर्मी 30 नवंबर तक थाने में ही रहेंगे। रैंडम जांच भी की जाएगी।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शेरी, मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह, डिप्टी कलक्टर दीप्ति देव, परियोजना निदेशक दुष्यंत कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव आदि मौजूद रहे।