सहारनपुर। टीबी उन्मूलन में अब निजी चिकित्सकों की सहभागिता बढ़ाई जाएगी। विभाग ने निजी चिकित्सकों से अपील की है कि वह अपने यहां आने वाले टीबी के रोगियों की सूचना विभाग को दें, जिससे मरीजों का ब्योरा रखा जा सके। खास बात यह है कि निजी चिकित्सक द्वारा दी गई सूचना पर मरीज में टीबी की पुष्टि होने पर संबंधित चिकित्सक के खाते में 500 रुपये भेजे जाएंगे। इसके बाद हर माह मरीज के खाते में 500 रुपये भेजे जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहारनपुर डॉ. संजीव मांगलिक एवं जिला क्षय रोग अधिकारी सहारनपुर डॉ. रणधीर सिंह ने जनपद के सभी निजी आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं यूनानी चिकित्सकों से अपील की है कि टीबी के लक्षण का कोई भी मरीज यदि उनके पास आता है तो उसकी पूरी जानकारी लिखित में जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं। जिससे की मरीज कि टीबी से संबंधित सारी जांच मुफ्त करवाकर टीबी पाए जाने पर इलाज किया जा सके। जानकारी में भेजे गए किसी मरीज को यदि टीबी पाई जाती है तो भेजने वाले चिकित्सक के खाते मे 500 रुपये विभाग द्वारा भेजे जाएंगे और संबंधित टीबी मरीज का इलाज जब तक चलेगा मरीज के खाते में हर माह 500 रुपये जाएंगे।
यह लोग टीबी की जांच कराएं
-जिन्हें दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी है।
-जिनको बलगम के साथ खून आ रहा है।
-जिनका तेजी से वजन कम हो रहा है और जिनको रात में बिना गर्मी भी पसीना आता है।
केंद्र सरकार ने देश को 2025 तक टीबी से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। निजी चिकित्सकों और जन जागरूकता के बिना लक्ष्य को समय से हासिल करना मुश्किल है। ऐसे में निजी चिकित्सकों से सहयोग की अपील की गई है। टीबी मरीज की जानकारी देने वाले चिकित्सक के खाते में 500 रुपये भेजे जाएंगे।
डॉ. रणधीर सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी।