सहारनपुर रैली में प्रधानमंत्री के मंच के ठीक पीछे पीएमओ यानी प्रधानमंत्री कार्यालय बनाया गया है। इसमें वह सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, जो दिल्ली के स्थाई पीएमओ में हैं। यानी जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री ंइस अस्थाई कार्यालय का उपयोग कर सकेंगे।
पीएमओ में तमाम तकनीकी उपकरण, जैसे कंप्यूटर, वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था, फोटो स्टेट मशीन, फैक्स मशीन, वाईफाई सुविधा, हाई स्पीड इंटरनेट व्यवस्था, प्रधानमंत्री तथा उनके अफसरों के बैठने की व्यवस्था आदि सब रहेगा।
यह मंच के ठीक पीछे बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री चंद मिनटों में इसका इस्तेमाल अपने कार्य निपटाने में कर सकेंगे। यह पीएमओ लकड़ी से बनाया गया है, जिसमें सुरक्षा के भी सभी इंतजाम किए गए हैं।
इतना ही नहीं, रैली में रहने के दौरान प्रधानमंत्री की एक-एक गतिविधि की सूचना भी अस्थाई पीएमओ से स्थाई पीएमओ और सोशल मीडिया पर भेजी जाएगी।
इसके अलावा रैली स्थल पर प्रधानमंत्री के लिए एंबुलेंस भी रहेगी, जिसमें तमाम तरह की सुविधाएं होंगी। इनमें पीएम के ब्लड ग्रुप से ब्लड, ऑक्सीजन, जरूरी दवाएं, चिकित्सक और अन्य सभी सुविधाएं होंगी।
प्रधानमंत्री के साथ रैली में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान समेत कई वीवीआईपी भी मंच पर रहेंगे। इनके अलावा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, सांसद राघव लखनपाल शर्मा समेत कई लोग मोदी के मंच पर रहेंगे।
रैली में मंत्रियों के साथ ही आसपास के करीब 15 सांसद, 30 से अधिक विधायक और जिलाध्यक्ष भी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री का मंच 40 फुट लंबा और 20 फुट चौड़ा बनाया गया है।
उनके मंच पर अधिक भीड़ न हो, इसके लिए बराबर में एक और मंच बनाया गया है, जिस पर अन्य जगहों के सांसद, विधायक और अन्य नेता बैठेंगे। यह मंच 60 पुट लंबा और 40 फुट चौड़ा होगा।
रैली स्थल से करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर एक खेत में तीन हेलीपैड बनाए गए हैं। इनमें एक हेलीपैड पर प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर लैंड करेगा, जबकि बाकी पर साथ में आने वाले अफसरों और सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य नेताओं के हेलीकॉप्टर उतरेंगे।