सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों में की गई तैयारियों को परखा जाएगा। इसके लिए 17 और 18 दिसंबर को जनपद के राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला महिला अस्पताल सहित छह जगहों पर मॉकड्रिल होगी।
तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई जाती रही है। ऐसे में शासन के आदेश पर विभाग के द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला महिला अस्पताल में पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) बनाई गई हैं। इसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल सहित कई सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट भी लगाए गए हैं। कोरोना ने दस्तक दे दी है। इस बार अभी तक नौ मामले सामने आए हैं, जिसके बाद विभाग अलर्ट हो गया है। यदि कोरोना के मामले बढ़ते हैं और मरीजों की हालत बिगड़ती है तो इलाज के लिए विभाग कितना तैयार है? यह परखने के लिए 17 और 18 दिसंबर को जनपद में मॉकड्रिल होगी। इसमें मरीज को एंबुलेंस के जरिए संबंधित अस्पताल में ले जाया जाएगा। जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों के द्वारा मरीज को एंबुलेंस से सीधे स्ट्रेचर पर डालकर वार्ड में ले जाया जाएगा। जहां सबसे पहले उसका बुखार, ऑक्सीजन का स्तर, रक्तचाप आदि जांचने के बाद वार्ड में भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। मॉकड्रिल में यह देखना खास होगा कि मरीज के अस्पताल पहुंचने के बाद कितनी मिनट में उसे इलाज दिया गया है। यानी रेस्पांस पीरियड कितना रहा है।
यहां होगी मॉकड्रिल
शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी के पीआईसीयू, जिला महिला अस्पताल के पीआईसीयू के अलावा सीएचसी देवबंद, सीएचसी सरसावा, सीएचसी नकुड़, सीएचसी नानौता में मॉकड्रिल होगी।
कोरोना के इलाज के लिए की गई तैयारियों को परखने के लिए 17 और 18 दिसंबर को जनपद में राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला महिला अस्पताल सहित छह जगहों पर मॉकड्रिल कराई जाएगी। इसमें तैनात स्टाफ शामिल रहेगा।
- शिवांका गौड़, नोडल अधिकारी