फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्री नकवी मंदिर पहुंचे तो भड़के उलमा

Mon, 12 Feb 2018 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
विज्ञापन
दारुल उलूम देवबंद
विज्ञापन
सहारनपुर के देवबंद में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा रामपुर के बागेश्वर मंदिर में भगवान शिव की आराधना पूजा करने पर देवबंदी उलमा का कहना है कि दिल में कुछ ओर हो और जाहिर कुछ और करते हैं तो इससे न तो अमन होगा और न ही कभी मोहब्बत बढ़ेगी। 
विज्ञापन


मदरसा दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि हिंदुस्तान में अलग-अलग मजहब और तहजीब के लोग रहते हैं। हर एक की धारणाएं और मजहबी दायरे भी अलग-अलग हैं। एक दूसरे के मजहबी दायरे में शामिल होकर चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान कोई भी काम करना गलत है।

अगर कोई हिंदू मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ेगा तो हिंदू समाज उसे अधर्मी कहता है। जहां तक मुख्तार अब्बास नकवी का मामला है तो नकवी और उन जैसे कुछ लोग अपने इस तरह के कामों से यह साबित करना चाहते हैं कि हिंदुस्तान में मोहब्बत बढ़ेंगी।
विज्ञापन


लेकिन यह तरीका मोहब्बत और अमन बढ़ाने वाला बिल्कुल नहीं है। मौलाना सालिम ने कहा कि हिंदू मुस्लिम भाईयों में मोहब्बत बढ़ाने का तरीका एक दूसरे के साथ हमदर्दी रखना और व्यवहार ठीक रखना है। बगैर धर्म को बीच में लाए हर के साथ अच्छा सलूक करना है।

दिल में कुछ ओर हो और जाहिर में कुछ ओर हो तो इससे कभी मोहब्बत नहीं बढ़ सकती। इस तरह की बातें इस्लाम के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मुख्तार अब्बास नकवी जैसे लोगों के लिए सही बात तो यह है कि हमारे नबी ने कहा कि अगर कोई किसी दूसरे की परंपराओं को अपनाएगा तो उसी कौम में वह शुमार होगा।

नकवी अपने दिल पर हाथ रखकर बताएं इस काम को करने के बाद कल को वह अल्लाह को क्या जवाब देंगे। बता दें कि मुख्तार अब्बास नकवी की शिव मंदिर से बाहर निकलते समय मंदिर का घंटा बजाने वाली फोटो तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने मंदिर में भगवान शिव की आराधना पूजा की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें