बेहट। पिछले दिनों खनन कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के आरोप में जेल गए गांव नुनियारी निवासी सुरेंद्र कुमार, उसके बेटे प्रिंस, गांव नानौली निवासी ईश्वरपाल व गौरव मिश्रा के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है। खनिज कारोबारी धनपाल सिंह ने इनके खिलाफ नुनियारी में पांच साल के लिए स्वीकृत खनन पट्टे को लेकर दो करोड़ की रंगदारी मांगने, धमकी देने और झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
धनपाल सिंह का कहना है कि वह शांति इंटरप्राइजेज का साझीदार है। इस फर्म को गांव नुनियारी में पांच वर्ष के लिए खनन पट्टा स्वीकृत हुआ है। आरोप है कि यह सभी पट्टे पर आकर हंगामा करते थे और फर्जी वीडियो बनाकर व खबरें चलाकर अवैध वसूली का दबाव बनाते थे। 16 मार्च को इन्होंने पट्टे पर आकर काम रुकवा दिया और पेट्रोल छिड़कर आग लगाने की धमकी देने लगे। वह इनकी डिमांड के अनुसार कभी 10 हजार, कभी 50 हजार और कभी एक लाख अपने मैनेजर के माध्यम से दिलवाते रहे। आरोप है कि तीन अप्रैल को एक स्टोन क्रशर पर आरोपियों ने उनसे मीटिंग की और शर्त रखी कि यदि बिना किसी रुकावट के पट्टा चलाना है तो दो करोड़ कैश, पांच डंपर पट्टे से जितना भी माल उठाएंगे उनका पैसा, दो जेसीबी, दो पोकलेन मशीन उनकी चलेगी और 10-15 लोग उनके काम पर रहेंगे।
डिमांड पूरी न होने पर झूठी शिकायतें कर भारी जुर्माना लगवाने व जेल भिजवाने की धमकी दी। इस उन्होंने आरोपियों से समझौता कर लिया। तय हुआ कि डेढ़ करोड़ किस्तों में, 50 लाख एकमुश्त दे देंगे। इसी दबाव में उन्होंने 11 से 18 अप्रैल के बीच आरोपियों की एक पोकलेन, दो जेसीबी व पांच लोगों को पट्टे पर काम पर लगा लिया। 18 अप्रैल को वह आरोपियों को 50 लाख देने जा रहा था। रास्ते में उसे सूचना मिली कि आरोपी दूसरे मामले में खनिज कारोबारियों से रंगदारी वसूलते हुए गिरफ्तार कर लिए गए है। अभी भी आरोपियों की मशीनें और लोग उनके पट्टे पर काम कर रहे हैं।