सपा हाईकमान द्वारा टिकट काटे जाने से आहत सपा नेत्री मीना सिंह राणा ने पार्टी छोड़ने से इंकार करते हुए स्वयं को पार्टी का सच्चा सिपाही बताया है। साथ ही पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार करने से साफ इंकार कर दिया।
शनिवार को लखनऊ से लौटी पूर्व प्रत्याशी मीना सिंह राणा ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर समर्थकों की बैठक में कहा कि उनके पति राजेंद्र सिंह राणा सपा के सच्चे सिपाही थे। पार्टी के बुरे और अच्छे दिनों में उन्होंने हमेशा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव का साथ दिया। उपचुनाव में उन्होंने मजबूती के साथ चुनाव लड़ा था।
सपा युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव कार्तिकेय राणा ने कहा कि वह सपा के सच्चे कार्यकर्ता हैं, लेकिन वह चुनाव में सपा प्रत्याशी का प्रचार व समर्थन नहीं करेंगे। कार्तिकेय ने कहा कि वह और उनका परिवार किसी भी सूरत में सपा को नहीं छोड़ेगा। हाईकमान का निर्णय सर्वमान्य है। कहा कि हाईकमान को उन्होंने कभी शिकायत का मौका नहीं दिया।
पूर्व पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी, नगर अध्यक्ष तंजीम खां, सिकंदर अली, इरशाद उर्फ सादा प्रधान, मोबीन प्रधान, सुखपाल सिंह, प्रमोद कुमार आदि ने भी विचार रखे। इस मौके पर आलम अंसारी, चौधरी दिलशाद, फरमान गाड़ा, संजय त्यागी, जिंदा हसन, असलम मुखिया, मौ. आजम, मनोज त्यागी, केपी सिंह, शुभम राणा आदि मौजूद रहे।
पुलिस ने कराई मीटिंग की वीडियोग्राफी
देवबंद। सपा कार्यकर्ताओं की बैठक की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। कोतवाल चमन सिंह चावड़ा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सपा नेता कार्तिकेय राणा को आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए वहां से हटाने का प्रयास किया। लेकिन, सपा नेताओं ने पुलिस की एक न सूनी। पुलिस ने वीडियोग्राफी भी कराई है। कोतवाली बोले आचार संहिता उल्लंघन हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।