सहारनपुर में चैत्र माह में ज्येष्ठ जैसी गर्मी से जनजीवन बेहाल होने लगा है। रविवार केे पारा 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह अप्रैल माह में कई सालों का सर्वाधिक तापमान है।
पिछले 15 दिन में मौसम हुई तापमान की रिकार्ड बढ़ोत्तरी ने लोगों का अभी से घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। रविवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो मौसम काफी गर्म था। दोपहर तक गर्मी और भी जलाने लगी।
एक अप्रैल का अधिकतम तापमान 34 डिग्री से 7 अंक बढ़कर रविवार को पारा 41 डिग्री सेल्सियस पर पंहुच गया। जबकि 11 और 12 अप्रैल का अधिकतम तापमान क्रमश: 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास था।
मुजफ्फराबाद स्थित मौसम वेधशाला प्रभारी राजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि सड़क पर दौड़ते वाहनों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि और घटते वन क्षेत्रफल के कारण पृथ्वी के तापमान में वृद्धि हो रही है। मानव जीवन के संरक्षण के लिए जनजागृति आवश्यक है।
अचानक पारा चढ़ने से हीटस्ट्रोक और डीहाईड्रेशन का भी खतरा बढ़ गया है। डॉ. संजीव मिगलानी और डॉ. कलीम अहमद कहते हैं कि मौसम में अचानक बदलाव में सावधानी बेहद जरूरी है। ऐसे में सीधे एसी, कूलर से धूप में न निकले।
इसके अलावा धूप में आने के दौरान सिर को जरूर ढक कर रखे। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहे। इसके साथ इलेक्ट्राल और एनर्जी जूस को भी लें। किसी तरह की परेशानी आने पर सीधे डॉक्टर से संपर्क करें।
लू लगने से किसान की मौत, तहसील बेहट क्षेत्र के गांव अलीपुरा भागूवाला निवासी किसान अतर सिंह (50) रविवार को अपने खेत में गेहूं की फसल की कटाई कर रहा था। अचानक उसको उल्टी, दस्त हुए। जब तक परिजन चिकित्सक को बुलाकर खेत में लेकर गए, उसने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया।