चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा।
एमआईईटी क्षेत्र की हवा सबसे अधिक खराब
गर्मी के साथ-साथ वायु गुणवत्ता ने भी चिंता बढ़ाई। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 195 दर्ज किया गया, जो मध्यम से खराब श्रेणी की ओर संकेत करता है। क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो गंगानगर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 146, जयभीम नगर का 151 और पल्लवपुरम का 158 दर्ज किया गया। वहीं एमआईईटी कॉलेज क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक 289 रहा, जो खराब श्रेणी में शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब वायु गुणवत्ता श्वसन संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।
अभी कुछ दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नमी और स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण बादलों की आवाजाही बनी हुई है। आने वाले दिनों में भी मौसम का यही रुख देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में हल्की या मध्यम वर्षा होती है तो तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना बनेगी।