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अपराजिता: छात्राओं को दिए गए स्वस्थ रहने के ये मंत्र, प्रधानाचार्या ने जमकर की अमर उजाला अभियान की तारीफ

Thu, 29 Sep 2022 05:57 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

अमर उजाला फाउंडेशन के अनूठे अभियान अपराजिता के अंतर्गत कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। चिकित्सकों ने छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सीख देते हुए उनकी आखों, दांतों और स्वास्थ्य की जांच की।
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अमर उजाला अभियान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर जनपद के गंगोह में अमर उजाला फाउंडेशन के अनूठे अभियान अपराजिता के अंतर्गत कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच का आयोजन किया गया। गुरुवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीएचसी प्रभारी डा. रोहित वालिया, महिला चिकित्सक डा. निशा सिंह, दंत चिकित्सक डा. शाहिना, नेत्र चिकित्सक डा. महेश गर्ग एवं प्रधानाचार्या पूनम शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्लवित करके किया। निष्ठा जैन, अर्निका सैनी, लक्षिका, नबिया आलम, जसप्रीत, श्रद्धा गुप्ता, रिया सैनी, अंशिका बिंदल सहित अनेक छात्राओं ने आंखों, दांतों, स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर चिकित्सकों से प्रश्न पूछे। 

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डा. रोहित वालिया ने छात्राओं को कोविड 19 से बचाव के लिए वैक्सीन अवश्य लगवाने हेतु प्रेरित किया। उन्होने कहा कि शरीर स्वस्थ होगा तभी वह जीवन में सफलता प्राप्त कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे पाएंगी। उन्होने बालिकाओं से अपने परिजनों एवं अन्य परिचितों को भी अतिशीघ्र बूस्टर डोज लगवाने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया। 

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डा. निशा सिंह ने छात्राओं को बढ़ती उम्र के साथ शरीर में होने वाले बदलावों, हार्मोंस परिवर्तन और इनके कारण होने वाली बीमारियों एवं समस्याओं के बारें में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को बेहतर स्वास्थ्य के लिए फास्ट फूड से बचने और सुबह खाली पेट के बजाय कुछ खाकर या दूध अवश्य पीकर विद्यालय आने की सलाह दी। कहा कि यदि उनका खानपान सही होगा, तभी स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वह मजबूत बनेंगी। कहा कि छात्राएं नियमित व्यायाम करें और खानपान में लापरवाही न करें। मौसम परिवर्तन के समय अधिक सावधानी जरूरी है। कहा कि किसी भी बीमारी को छिपाने के बजाए, समय पर उसका उपचार कराना जरूरी है।

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बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. महेश गर्ग ने छात्राओं की आंखों की जांच की। उन्होने बताया कि आज ऑनलाइन पढ़ाई, गेमिंग एवं मनोरंजन आदि विभिन्न कारणों से बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। इससे बच्चों की आंखों में खिंचाव पैदा हो जाता है और कन्वर्जेंस की कमी की समस्या हो जाती है। ये आंख से संबंधित एक बीमारी है। इससे पढ़ना और ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। बार-बार सिरदर्द भी होता है। इससे बचाव के लिए अभिभावकों को बच्चों पर बारीकी से निगरानी की जानी चाहिए, ताकि उनके स्क्रीन टाइम और नॉन-स्क्रीन टाइम के बीच पर्याप्त संतुलन बनाया जा सके। आंखों और स्क्रीन के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए। बच्चों को एक प्रशिक्षित नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित कई ओकुलर एक्सरसाइज करनी चाहिए। अगर एक्सरसाइज से मदद नहीं मिलती है, तो बच्चे को प्रिज्म का चश्मा दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि अगर कन्वर्जेंस समस्या का हल्का सा भी लक्षण नज़र आता है, तो उन्हें तुरंत नेत्र रोग विषेशज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

दंत चिकित्सक डा. शाहिना ने छात्राओं के मुंह एवं दांत की जांच की। जांच के दौरान छात्राओं को मुंह एवं दांतों के देखभाल एवं रोगों से बचाव के लिए परामर्श दिया गया। उन्होंने बताया कि मुंह एवं दांत के उचित देखभाल एवं साफ-सफाई से कई गंभीर बिमारियों से बचा जा सकता है। यदि मुंह एवं दांत में किसी प्रकार का कोई लक्षण दिखाई दे तो तत्काल समय रहते चिकित्सकों से परामर्श लेनी चाहिए, ताकि इससे बाद में होने वाली परेशानियों से बचा जा सके। छात्राओं ने उनसे टूथपेस्ट एवं ब्रश करने के तरीकों के बारें में प्रश्न किए, जिनका उन्होंने समुचित जवाब दिया। 

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प्रधानाचार्या पूनम शर्मा ने छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा होता है।
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