बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच का आयोजन
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. महेश गर्ग ने छात्राओं की आंखों की जांच की। उन्होने बताया कि आज ऑनलाइन पढ़ाई, गेमिंग एवं मनोरंजन आदि विभिन्न कारणों से बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। इससे बच्चों की आंखों में खिंचाव पैदा हो जाता है और कन्वर्जेंस की कमी की समस्या हो जाती है। ये आंख से संबंधित एक बीमारी है। इससे पढ़ना और ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। बार-बार सिरदर्द भी होता है। इससे बचाव के लिए अभिभावकों को बच्चों पर बारीकी से निगरानी की जानी चाहिए, ताकि उनके स्क्रीन टाइम और नॉन-स्क्रीन टाइम के बीच पर्याप्त संतुलन बनाया जा सके। आंखों और स्क्रीन के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए। बच्चों को एक प्रशिक्षित नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित कई ओकुलर एक्सरसाइज करनी चाहिए। अगर एक्सरसाइज से मदद नहीं मिलती है, तो बच्चे को प्रिज्म का चश्मा दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि अगर कन्वर्जेंस समस्या का हल्का सा भी लक्षण नज़र आता है, तो उन्हें तुरंत नेत्र रोग विषेशज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
दंत चिकित्सक डा. शाहिना ने छात्राओं के मुंह एवं दांत की जांच की। जांच के दौरान छात्राओं को मुंह एवं दांतों के देखभाल एवं रोगों से बचाव के लिए परामर्श दिया गया। उन्होंने बताया कि मुंह एवं दांत के उचित देखभाल एवं साफ-सफाई से कई गंभीर बिमारियों से बचा जा सकता है। यदि मुंह एवं दांत में किसी प्रकार का कोई लक्षण दिखाई दे तो तत्काल समय रहते चिकित्सकों से परामर्श लेनी चाहिए, ताकि इससे बाद में होने वाली परेशानियों से बचा जा सके। छात्राओं ने उनसे टूथपेस्ट एवं ब्रश करने के तरीकों के बारें में प्रश्न किए, जिनका उन्होंने समुचित जवाब दिया।
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प्रधानाचार्या पूनम शर्मा ने छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा होता है।