सहारनपुर। चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पीएमएस संवर्ग, नर्सिंग संवर्ग, पैरामेडिकल संवर्ग आदि ने स्थानांतरण नीति के विरोध में सुबह आठ बजे से दस बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। सरकार के इस निर्णय को कर्मचारियों को दंडित करने वाला बताया।
जीएस भंडारी ने बताया कि स्थानांतरण नीति को रोकने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी द्वारा दिए गए आश्वासन पर दो जुलाई को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया था। मगर पता चला है कि महानिदेशालय द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि बीते करीब डेढ़ साल से चिकित्सक और कर्मचारी लगातार कोविड-19 में ड्यूटी कर रहे हैं। संक्रमित हो रहे हैं, जिनमें से कइयों की जान भी चली गई है। ऐसे में स्थानांतरण किया जाना उचित नहीं है।
उन्होंने बताया कि स्थानांतरण नीति के विरोध में शुक्रवार नौ जुलाई से शुरू हुआ आंदोलन 11 जुलाई तक चलेगा। कर्मचारी प्रतिदिन सुबह दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे। 12 जुलाई को प्रदेशभर के चिकित्सक एवं कर्मचारी सुबह दस बजे महानिदेशालय लखनऊ का घेराव करेंगे। इस दौरान पीएन डंगवाल, जमील, पीएस बुटोला, सुनील डोबाल, भूपेंद्र यादव, रणदीप सिंह, एसके अवस्थी, जेएस कलुडा, धंतू मिस्त्री, भरत सिंह रावत, आशुतोष, विकास गुप्ता, पुष्पेंद्र, संदीप चौहान, अजय वर्मा, अनिल पंवार आदि मौजूद रहे।