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फांसी पर लटका मिला मेडिकल छात्र का शव

Tue, 19 Mar 2019 11:58 PM IST
Prag Gupta ब्यूरो, सहारनपुर
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मृतक मेडिकल छात्र सचिन का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में दिल्ली रोड स्थित मदर टेरेसा पैरा मेडिकल कॉलेज में ऑॅप्टोमैट्री के द्वितीय वर्ष के छात्र का शव स्टाफ रूम में फांसी के फंदे पर लटका मिला। छात्र के पैर बंधे हुए थे, जबकि उसके पैरों में तथा कमर में चोट के निशान मिले हैं। जिस कारण छात्र की हत्या कर शव लटकाने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने भी हत्या की आशंका जताते हुए कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
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बेहट के ग्राम कांसेपुर निवासी सचिन (20 वर्ष) पुत्र बृजेश सहारनपुर के दिल्ली रोड स्थित मदर टेरेसा पैरा मेडिकल कॉलेज में आप्टोमैट्री कोर्स का द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह कॉलेज के ही हॉस्टल में रहता था। सोमवार रात करीब आठ बजे के बाद वह अपने कमरे में नहीं पहुंचा तो सहपाठी आसिफ, रवि और गौतम उसे तलाश करने लगे। जब वह तलाश करते हुए रात करीब साढ़े दस बजे स्टाफ रूम में पहुंचे, तो वहां सचिन का शव पंखे फंदे पर लटका हुआ मिला। इसके बाद

अन्य छात्र भी वहां इकट्ठा हो गए। 
सूचना सचिन के परिजनों, पुलिस एवं कॉलेज प्रबंधन को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल लेकर पहुंची। रात में ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। सचिन की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। इस मामले में पिता बृजेश ने सदर कोतवाली में तहरीर दी है। तहरीर में आरोप लगाया कि उसके बेटे की हत्या की गई है, जिसके लिए कॉलेज प्रबंधक एसएस रामा जिम्मेदार हैं। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि चिकित्सकों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। सही तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 
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परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
पिता बृजेश ने आरोप लगाया कि सचिन के पैरों पर एवं कमर पर चोट के निशान हैं। सचिन के पैर बंधे हुए थे। उन्होंने आशंका जताई कि सचिन की हत्या की गई है। उसे कोई परेशानी नहीं थी। उन्होंने कॉलेज प्रबंधक एसएस राणा को मौत का जिम्मेदार बताया। 

परिजनों ने बताया कि उन्हें कॉलेज के छात्रों ने बताया कि सचिन चादर के फंदे से स्टाफ रूम में पंखे के कुंडे से लटका हुआ था। उसके पैर मफलर से बंधे हुए थे। स्टाफ रूम में चादर लेकर कौन गया और मफलर से पैर किसने बांधे ? परिजनों का आरोप है कि खुद पैर बांधकर कोई फांसी कैसे लगा सकता है। मौके के हालात बयां करते हैं कि सचिन की हत्या की गई है। 

पापा, मैं होली पर घर आऊंगा...
बेटे की मौत से बिलख रहे पिता बृजेश ने बताया कि रात 8.18 बजे सचिन का उसके पास फोन आया था। वह एक रिश्तेदार को देखने के लिए अस्पताल में ही आया था। यहां से जाने के बाद उससे बात हुई। उन्होंने सचिन से कहा कि जल्दी आ जा बेटा। होली आ रही है। सचिन ने उनसे कहा कि पापा चिंता न करें, वह होली पर जल्दी घर पहुंच जाएगा। अब वह खाना खाने के लिए जा रहा है। ब्रजेश का कहना है कि उसे न तो कोई परेशानी थी और न ही कोई चिंता थी। उसको स्कॉलरशिप मिली थी। उसने बताया था कि उसने बैंक से बीस हजार रुपये भी निकाले हैं। 

 युवकों ने लगाया कॉलेज में अभद्रता का आरोप
सचिन के पिता बृजेश और गांव के कुछ युवकों ने आरोप लगाया कि वह कॉलेज में सचिन की मौत की जानकारी के लिए पहुंचे थे, लेकिन कॉलेज में कॉलेज प्रबंधक एवं वहां मौजूद युवतियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें झूठे केस में फंसाए जाने की धमकी भी दी। उन्होंने कालेज प्रबंधक पर षड्यंत्र का भी आरोप लगाया।
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-- कॉलेज प्रबंधन ने आरोप निराधार बताया 
मदर टेरेसा पैरा मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक सुरेंद्र सिंह राणा का कहना है कि उन पर लगाए आरोप गलत हैं। कुछ लोग कॉलेज में आकर हंगामा कर रहे थे। खुद को किसी संगठन से जुड़ा बताकर कॉलेज प्रशासन के साथ अभद्रता कर रहे थे। जिसकी सीसीटीवी में पूरी रिकॉर्डिंग हो गई है। उन्होंने बताया कि सचिन ने खुदकुशी की है। रात लगभग नौ बजे सचिन अपने कमरे में आया। वहां वह अपने मोबाइल फोन पर किसी से बातें कर रहा था। अचानक उठा और अपना मफलर और चादर लेकर चला गया। थोड़ी देर बाद ही उसके फांसी लगाने की सूचना मिली। उसे लेकर तुरंत दिल्ली रोड स्थित अस्पताल में लेकर पहुंचे थे। जहां उसकी मौत हो गई। 
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