मौलाना मदनी ने कहा कि आज जो कुछ उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हो रहा है, इन घटनाओं से राज्य में भय और दो समुदायों के बीच दुश्मनी को हवा देने के अभियान की बू आ रही है। इसके साथ ही यह सत्ताधारी लोगों के गैर जिम्मेदाराने रवैया भी दर्शाता है।
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उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व भी उत्तराखंड में धर्म संसद आयोजित करके मुसलमानों के नरसंहार की धमकी दी गई थी। जिन लोगों ने एक वर्ष पूर्व इन कार्यक्रमों का आयोजन किया था। वह न केवल कानून की पकड़ से बाहर है बल्कि वर्तमान घटना में भी नफरत फैलाने और धमकी देने वालों में भी शामिल हैं। मौलाना मदनी ने गृहमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।