सहारनपुर के देवबंद के लालवाला गांव से नगदी लेकर घर से फरार हुई विवाहिता शुक्रवार को स्वयं ही कोतवाली पहुंच गई। पुलिस उसे न्यायालय ले गई। जहां उसने बयान देने से पूर्व ही परिजनों के साथ जाने की इच्छा जताई।
जिस पर उसे उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। मगर न्यायालय से बाहर निकलते ही विवाहिता ने साथ चलने से इंकार करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
लालवाला गांव निवासी मोहन की पत्नी पिंकी 26 मार्च को घर में रखी करीब 15 हजार की नगदी लेकर फरार हो गई थी। इस मामले में मोहन ने कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज करा रखी थी।
बृहस्पतिवार को मोहन ने रेलवे रोड चौकी पुलिस पर मारपीट करने तथा उसकी पत्नी को आरोपियों के सुपुर्द करने का आरोप भी लगाया था। शुक्रवार को जब इसकी जानकारी पिंकी को हुई तो वह स्वयं ही कोतवाली पहुंच गई।
जहां से पुलिस उसे बयान दर्ज कराने के लिए एसडीएम की अदालत में ले गई। बयान दर्ज होने से पूर्व पिंकी ने अपने परिजनों के साथ जाने की इच्छा जताई। जिस पर पुलिस ने उसे मां कमला के सुपुर्द कर दिया।
एसडीएम कार्यालय से बाहर निकलकर जब वह गेस्ट हाउस के सामने पहुंचे तो पिंकी ने साथ जाने से इंकार कर दिया।
वहां हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान भीड़ भी जमा हो गई। परिजनों ने बमुश्किल उसे बाइक पर बिठाया और साथ ले गए। वहीं, रेलवे रोड पुलिस चौकी प्रभारी लेखराज सिंह ने बताया कि पूछताछ में महिला ने बताया कि ससुराली उसे परेशान करते हैं जिसके चलते ही वह नूरपुर गांव में एक कमरा किराये पर लेकर रह रही थी। उसने ससुरालियों के साथ जाने से साफ इंकार कर दिया। उसका कहना था कि वह अलग ही रहना चाहती है। उन्होंने हंगामे की बाबत जानकारी होने से इंकार किया।