सहारनपुर। प्रदेश सरकार ने शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार दिलाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। कोरोना के प्रकोप से बेरोजगार हुए श्रमिक भी इन योजनाओं का फायदा उठाकर अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं।
कोविड-19 से प्रभावित श्रमिकों और शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए आसान शर्तों पर ऋण मुहैया कराया जाएगा। उद्योग उपायुक्त सिद्धार्थ यादव ने बताया कि शिक्षित बेरोजगारों के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें से मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत दस लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर ब्याज मुक्त 95 प्रतिशत तक बैंक लोन दिया जाएगा। यह लोन न सिर्फ बिना संपत्ति को बंधक बनाए दिया जाएगा बल्कि इसके लिए प्रशिक्षण भी निशुल्क दिया जाएगा। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना कार्यक्रम के तहत 25 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर 15 से 35 प्रतिशत सब्सिडी छूट और शेष ऋण पर तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्र में ब्याज पर छूट दी जाएगी। इसमें विद्युत अधिभार दस वर्ष मुक्त रहेगा। मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना में दस लाख के प्रोजेक्ट पर 25 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। साथ ही तालाबों के पट्टों का प्राथमिकता के आधार पर आवंटन होगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर 25 फीसदी छूूट मिलेगी। इसके अलावा एक जनपद एक उत्पाद ऋण योजना, माटीकला पुरस्कार योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना भी चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए शिक्षित बेरोजगार जिला उद्योग केंद्र और उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।