सहारनपुर में डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप थमने के बजाय लगातार बढ़ाता जा रहा है। बुखार से लगातार हो रही मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग नहीं जाग रहा है।
विभागीय अधिकारी इस पर अंकुश लगाने के बजाय कागजी खानापूर्ति करने में जुटे है। बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालात यह है कि अस्पतालों में मरीजों को बेड तक नहीं मिल रहे है।
बता दें कि कई दिनों से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जनपद में अपना कहर बरपा रहा है। देवबंद क्षेत्र से शुरू हुआ यह प्रकोप सढौली कदीम, गंगोह, नकुड़ के साथ शहर के कई क्षेत्र में फैल चुका है।
पर्याप्त इलाज न मिलने के कारण मरीज लगातार दम तोड़ रहे है। सबसे बड़ी बात यह है कि बुखार, डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या भले ही बढ़ रही है, मगर स्वास्थ्य विभाग कागजी खानापूर्ति कर इनकी संख्या कागजों में कम करने में जुटा है।
यही कारण है कि बीमारी का इलाज होने की बजाय उस पर लापरवाही जारी है। आपको बता दें कि मलेरिया विभाग जनपद के कई ब्लॉकों को पहले ही हाई रिस्क जोन घोषित कर चुका था। उसके बावजूद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
जबकि इस मौसम में हर साल बुखार का प्रकोप रहता है। इस बार देहात के अलावा शहर के शारदा नगर, पेपर मिल रोड, बेहट रोड सहित कई इलाकों में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
डेंगू से लगातार हो रही मौतों की गूंज लखनऊ तक पहुंच चुकी है। शासन में बैठे अधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार अपडेट ले रहे है। सीएमओ से लेकर मंडलायुक्त से संपर्क कर बीमारी की बाबत जानकारी जुटायी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों को हर दिन अस्पतालों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की हालात जानने के निर्देश दिए गए है। मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को अस्पतालों मेें चिकित्सा व्यवस्था परखने के निर्देश दिए गए है।
किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रतिदिन अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या और उनके इलाज की सूची तैयारी की जाएगी। बुखार के मरीजों का स्टेट्स भी प्रतिदिन अपडेट होगा। इसमें लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी।