सहारनपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी घोषित करने को लेकर लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों ने मंथन किया। इसको लेकर सहारनपुर में टिकट के दावेदारों की चिंता बढ़ी रही। हालांकि रात नौ बजे तक सहारनपुर का प्रत्याशी घोषित नहीं हो पाया, जिससे दावेदारों की धड़कनें बढ़ी रहीं और वह अपने राजनीतिक आकाओं से टोह लेते रहे।
सहारनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए आरक्षित है। भाजपा से अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनने की दौड़ में अब तीन प्रमुख नाम हैं, जिनमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं गायत्री चौधरी, मुकेश चौधरी और मांगेराम चौधरी शामिल हैं। इनके नाम पर लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों ने मंथन किया। पूर्व में बिजेंद्र कश्यप (पूर्व जिलाध्यक्ष) भी टिकट के दावेदारों में शामिल थे, लेकिन ऐन वक्त पर उन्होंने खुद को इस दौड़ से बाहर कर लिया। इसके बाद पार्टी के सामने भी इन तीन ही जिला पंचायत सदस्यों में से प्रत्याशी तय करने का विकल्प रहा। इसमें भी जातिगत समीकरण और हर लिहाज से आंकलन किया गया। ताकि ऐसा प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा जाए, जिससे जीत हासिल की जा सके। सूत्रों की मानें तो टिकट की दौड़ में मांगेराम चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है, लेकिन गायत्री चौधरी भी कम मजबूत नहीं हैं। क्योंकि वह पूर्व में भी जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं और उनके पति मनोज चौधरी विधायक रहे हैं। वहीं, मुकेश चौधरी भी मजबूती से दावेदारी कर रहे हैं तथा भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता भी इनके पक्ष में खड़े बताए जाते हैं। इसके साथ ही टिकट के तीनों दावेदारों ने अपनी राजनीतिक पकड़ और पहचान के जरिये भी प्रयास किए हैं। अब देखना यह है कि भाजपा किसे प्रत्याशी बनाती है।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सैनी का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को लेकर पार्टी हाईकमान फैसला लेगा। प्रदेश अध्यक्ष ही प्रत्याशी की घोषणा करेंगे। उम्मीद है कि मंगलवार को प्रत्याशी घोषित हो सकता है।